1 अप्रैल 2027 से देशव्यापी जनगणना का पहला चरण शुरू होगा. घरों की स्थिति और सुविधाओं पर 33 सवाल पूछे जाएंगे. पहले चरण में घरों की लिस्टिंग होगी, दूसरे चरण में जनसंख्या, जाति और अन्य डेटा एकत्र किए जाएंगे. जाति आधारित आंकड़े आरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं, परिसीमन और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों की दिशा तय करेंगे.