राज ठाकरे ने 20 साल बाद शिवसेना भवन में प्रवेश किया और उद्धव ठाकरे के साथ बीएमसी चुनाव के लिए गठबंधन किया. उद्धव ठाकरे ने विस अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सदस्यता रद्द करने की मांग की. उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने और सत्ता के दबाव में न आने की अपील की है.