ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ने आक्रामक और घातक क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है. अक्टूबर के अंत तक 5 भैरव बटालियन, 5 दिव्यास्त्र बैटरी, 3 शक्तिबाण रेजिमेंट और ड्रोन प्लाटून गठित होंगे. रुद्र ब्रिगेड एक आत्मनिर्भर ब्रिगेड होगी जिसमें पैदल सेना, एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर शामिल होंगे.