पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बाद कुल मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ से नीचे आ गई है. करीब 60 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिनमें केवल 55% मामलों में नाम वापस जोड़े गए हैं. तृणमूल कांग्रेस कटे हुए नामों को दोबारा जोड़वाने के लिए ट्रिब्यूनल और चुनाव आयोग पर जोर दे रही है.