असम में हुए सुखोई-30 विमान क्रैश में फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत हुई, जो नागपुर के रहने वाले थे. पुरवेश ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने तबाह किए गए थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पुरवेश के पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए परिवार से संपर्क टूट गया था.