इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की शिक्षा या व्यावसायिक कौशल के आधार पर भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता कोर्ट ने कहा कि पति अपनी कानूनी जिम्मेदारी से बचने के लिए पत्नी की योग्यता को आधार नहीं बना सकता है परिवार न्यायालय ने महिला की भरण-पोषण याचिका खारिज की थी, जबकि बच्चे को मात्र 3000 रुपये गुजारा भत्ता दिया था