डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी की अगुवाई और पार्टी की दिशा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं पार्थ और जय पवार में से जय पवार की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है क्योंकि पार्थ कानूनी समस्याओं में फंसे हैं पार्टी के बाहर के नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे का अनुभव एनसीपी को राजनीतिक स्थिरता देने में अहम होगा