भारत में एआई से जुड़ी कौशल की मांग पारंपरिक इंजीनियरिंग और आईटी क्षमताओं से अधिक हो गई है. मैनपावरग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 82 प्रतिशत नियोक्ता 2026 तक कुशल प्रतिभा की कमी महसूस कर रहे हैं. वैश्विक स्तर पर एआई साक्षरता और मॉडल डेवलपमेंट जैसी क्षमताएं सबसे दुर्लभ और मांग में हैं.