पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटाए जाने का विवाद सामने आया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनिंदा समुदायों के लोगों के नाम सुनियोजित तरीके से हटाए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप के बाद लगभग 32 लाख नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं.