सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल फ्लैट किराए पर देने से खरीद कमर्शियल उद्देश्य वाली नहीं बनती. मामला गुरुग्राम के दो खरीदारों का था जिनके फ्लैट की डिलीवरी में छह साल की देरी हुई थी. NCDRC ने डेवलपर के दावे पर खरीदारों की शिकायत खारिज की थी कि वे उपभोक्ता नहीं हैं.