धोनी ने संन्यास के बाद कमेंट्री करने की संभावना लगभग खारिज करते हुए खुद को इस काम के लिए कच्चा बताया धोनी ने कहा कमेंट्री करना मुश्किल है. इसे शालीनता से पेश करना और आलोचना के बीच संतुलन बनाना जरूरी होता है. धोनी ने स्वीकार किया कि आंकड़ों को याद रखने में वे अच्छे नहीं हैं इसलिए कमेंट्री के लिए खुद को फिट नहीं मानते