चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं क्योंकि अब इसकी मांग सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है. चांदी अब गहनों के साथ-साथ सोलर पैनल, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV उद्योग की अहम धातु बन चुकी है. भारत चांदी के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक दबाव सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित कर रहा है.