पुस्तक मेले में हिंदी किताबों की भारी उपस्थिति और लोकार्पण से हिंदी साहित्य की जीवंतता का पता चलता है. हिंदी की नई पीढ़ी अंग्रेज़ी माध्यम की तरफ बढ़ रही है जिससे हिंदी किताबों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है. इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के कारण एकाग्रता भंग हुई है, लेकिन इसके बाद भी किताबों का भविष्य बचा है.