शैलेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में लगभग नौ सौ गाने लिखे और हिंदी सिनेमा के प्रमुख गीतकार माने जाते हैं. भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म 'गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो' के गीत शैलेंद्र ने लिखे थे, जो बहुत लोकप्रिय हुए. शैलेंद्र का पैतृक गांव आरा के अख्तियारपुर में था और उनका भोजपुरी भाषा व संस्कृति से गहरा जुड़ाव था.