बिहार के पूस महीने में बगिया नामक पारंपरिक व्यंजन चावल और चने की दाल से घरों में बनाया और खाया जाता है. बगिया स्थानीय लोक संस्कृति का प्रतीक है जो सगे संबंधियों को संदेश या सौगात के रूप में भेजा जाता है. यह व्यंजन पोषण से भरपूर होता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का संतुलित मेल शामिल होता है.