मुंगेर के सदर प्रखंड कार्यालय ने ट्रैक्टर के नाम पर निवास प्रमाण-पत्र जारी किया, जिसमें ट्रैक्टर का नाम सोनालिका चौधरी है. इस आवेदन में ट्रैक्टर की फोटो लगा दी गई, लेकिन अधिकारी ने जांच किए बिना प्रमाण-पत्र जारी कर दिया. अब ये मामला खूब वायरल हो रहा है. यह मामला सरकारी काम की पोल खोल रहा है. पहले भी फर्जी प्रमाण-पत्र बन चुके हैं. जैसे कुछ साल पहले हनुमान जी का ही आधार कार्ड बना दिया गया था.