तिलाधक विश्वविद्यालय का इतिहास नालंदा विश्वविद्यालय से भी प्राचीन है और इसकी स्थापना पहली सदी में मानी जाती है खुदाई में कुषाण काल के अवशेष मिले हैं, कार्बन डेटिंग से यह तिलाधक विश्वविद्यालय को ईसा पूर्व का साबित करता है चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी यात्रा डायरी में तिलाधक विश्वविद्यालय का उल्लेख किया है और इसकी महत्ता बताई है