सारण के जवईनिया गांव में दो बेटियों ने अपने दिवंगत मां का अंतिम संस्कार अकेले कर सामाजिक परंपरा को चुनौती दी परिवार में कोई बेटा न होने के कारण बेटियों ने अर्थी को कंधा देने और मुखाग्नि देने की जिम्मेदारी खुद ली गांव के लोग सहयोग नहीं किए, जिससे बेटियों को मजबूर होकर परंपरा से हटकर यह साहसिक कदम उठाना पड़ा