बिहार के पूर्वी चंपारण के किसान बाल किशुन राम ने अपनी दिवंगत पत्नी की याद में 65 फुट ऊंचा भव्य मंदिर बनवाया है यह मंदिर प्रेम, समर्पण और भावनाओं का प्रतीक है, जिसे स्थानीय लोग चंपारण का ताजमहल कहकर सम्मानित करते हैं मंदिर के गर्भगृह में देवी-देवता की जगह शारदा देवी की प्रतिमा स्थापित की गई है जो इसे अनोखा बनाती है