बिहार चुनाव के दूसरे चरण में सीमांचल की 24 सीटें राज्य की सत्ता निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी. किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जिलों में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत चुनावी नतीजों पर गहरा प्रभाव डालता है. AIMIM और जनसुराज पार्टी दोनों महागठबंधन के मुस्लिम-यादव वोट बैंक को कमजोर कर सकती है.