अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर ओमान के तट के पास गिर गया. ये घटना सोमवार (8 जून 2026) को हुई थी. इसके बाद अमेरिका सेना ने इसकी पुष्टि की थी और कहा था कि पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा, "मुझे अभी हमारी ग्रेट मिलिट्री ने बताया है कि कल रात ईरानियों ने होर्मुज स्ट्रेट पर पेट्रोलिंग करते समय हमारे एक बहुत एडवांस्ड अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया. इसमें दो पायलट शामिल थे, दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है. फिर भी, यूनाइटेड स्टेट्स को इस हमले का जवाब देना ही होगा."
अमेरिकी सेना ने पायलट को कैसे किया रेस्क्यू
समाचार एजेंसी एपी ने एक U.S. मिलिट्री अधिकारी के हवाले से कहा कि एक ड्रोन बोट ने U.S. आर्मी के अटैक हेलीकॉप्टर के क्रू को बचाया. यह स्ट्रेटेजिक वॉटरवे है जिसे ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ अपनी लड़ाई के दौरान असल में बंद कर दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि यह अमेरिका मिलिट्री द्वारा समुद्र में किया गया पहला ड्रोन रेस्क्यू था. उन्होंने कहा कि बिना ड्राइवर वाली बोट ने दो एविएटर को ढूंढ लिया और पानी में लगभग दो घंटे बिताने के बाद उन्हें किनारे पर ले आई.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 9, 2026
ट्रंप ने पहले भी मानी थी क्रैश की बात
AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना के लिए एक अहम एसेट रहे हैं क्योंकि यह ईरानी कच्चे तेल के शिपमेंट और टैंकरों पर रोक लगाती है, ताकि तेहरान पर डील के लिए दबाव डाला जा सके. इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल यूनाइटेड अरब अमीरात ने ईरानी ड्रोन को मार गिराने के लिए भी किया है.
सोमवार की रात को ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान माना था कि अमेरिका जहाज आमोन के तट पर क्रैश हो गया था. उन्होंने कहा था, "पायलट ठीक हैं. कोई घायल नहीं हुआ."
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