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जापान में फिर दिखा वही आदमखोर काला भालू! शहर में दूसरे दिन भी बंद 94 स्कूल

एशियाई काले भालूओं की संख्या जापान में 2012 के बाद से इनकी संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है. वजह है कि सरकार के प्रयासों के बाद इनके शिकार में बड़ी गिरावट आई है.

जापान में फिर दिखा वही आदमखोर काला भालू! शहर में दूसरे दिन भी बंद 94 स्कूल
Japan Bear Attack: जापान में काले भालू का आतंक (फाइल फोटो- एक्सेस बाई एनडीटीवी)
  • जापान के एक शहर में एक आदमखोर भालू की वजह से 94 स्कूल पिछले दो दिनों से बंद हैं
  • जापान के उत्सुनोमिया शहर में एक काले भालू की तलाश मंगलवार, 9 जून को भी जारी रही
  • इस भालू को पिछले कुछ दिनों में 12 से ज्यादा बार देखा गया है

दुनिया के सबसे विकसित और एडवांस कहे जाने वाले देशों में से एक जापान में दो दिनों से कुछ ऐसा हो रहा जिसने सबको चौंका दिया है. यहां के एक शहर में एक आदमखोर भालू की वजह से 94 स्कूल पिछले दो दिनों से बंद हैं. जापान के उत्सुनोमिया शहर में एक काले भालू की तलाश मंगलवार, 9 जून को भी जारी रही. इस भालू को पिछले कुछ दिनों में 12 से ज्यादा बार देखा गया है. इस खतरे के कारण शहर के सभी 94 सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूल लगातार दूसरे दिन भी बंद रहे.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह वयस्क भालू लगभग 100 किलोग्राम वजन का बताया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इसे आखिरी बार मंगलवार सुबह एक यूनिवर्सिटी कैंपस से लगभग 700 मीटर (765 गज) दूर देखा गया. माना जा रहा है कि यही भालू शनिवार शाम को भी देखा गया था. यह इस शहर में भालू के देखे जाने की पहली घटना है. यह शहर टोक्यो से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर में है.

जापान में बढ़ता भालूओं का खतरा

जापान में हाल के समय में भालू के हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं, यहां तक कि शहरों के अंदर भी. इसी वजह से सरकार ने इस साल एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है ताकि इन घटनाओं और नुकसान को कम किया जा सके. जापान के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, 2025 वित्तीय वर्ष में भालू के हमलों में रिकॉर्ड 238 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 13 लोगों की मौत हो गई.

बता दें कि एशियाई काला भालू (एशिएटिक ब्लैक बियर) दुनिया में “संवेदनशील प्रजाति” की सूची में आता है, लेकिन जापान में 2012 के बाद से इनकी संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है. इसका एक कारण शिकार में कमी बताया जा रहा है.

भालू को गोली मारा जाएगा या पकड़ा जाएगा?

उत्सुनोमिया शहर के एक अधिकारी ने बताया कि नगर पालिका, प्रांतीय कर्मचारी, अग्निशमन विभाग और शिकारी संघ के सदस्य मिलकर भालू की तलाश कर रहे हैं. अगर भालू मिल जाता है तो स्थिति के अनुसार यह तय किया जाएगा कि उसे बेहोश करके पकड़ा जाए, गोली मारी जाए या जाल में फंसाकर फिर जंगल में छोड़ा जाए.

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भालुओं के प्राकृतिक भोजन जैसे बलूत और बीचनट्स की पैदावार कम हो गई है. इसके अलावा गांवों से लोगों का पलायन और खाली पड़ी जमीनों की बढ़ोतरी के कारण भालू अब खाने की तलाश में इंसानी बस्तियों के पास आने लगे हैं.

यह भी पढ़ें: जापान में भालू दिखने के बाद शहर के 94 स्कूल बंद, आखिर क्यों किया गया ऐसा?

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