Om Prakash Rajbhar auto video: यूपी की राजनीति में इन दिनों एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है, जब कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर खुद लखनऊ की सड़कों पर ऑटो चलाते नजर आए. लेकिन यह कोई आम सफर नहीं था, बल्कि सियासी तंज और आरोपों का जवाब था. “मैं ऑटो वाला हूं” कहते हुए राजभर ने न सिर्फ अपने अतीत को स्वीकार किया, बल्कि उसे अपना गर्व भी बताया.
सपा के तंज का अनोखा जवाब
ओम प्रकाश राजभर का ऑटो चलाना अचानक नहीं हुआ. दरअसल, समाजवादी पार्टी के नेताओं और सोशल मीडिया पर उनके पुराने ऑटो चालक होने को लेकर तंज कसा गया था. इसी के जवाब में उन्होंने लखनऊ में अपने दफ्तर से घर तक खुद ऑटो चलाकर पहुंचे और दिखाया कि उन्हें अपने अतीत पर कोई शर्म नहीं, बल्कि गर्व है.
ऑटो चलाते हुए दिया सियासी संदेश
ऑटो चलाते समय राजभर ने साफ कहा कि इसी ऑटो से वे सपा को जवाब देंगे. उनका अंदाज सीधा था और संदेश साफ- संघर्ष से निकले लोग अपनी जड़ों को नहीं भूलते. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अपने स्वाभिमान से जोड़ते हुए इसे एक प्रतीक के तौर पर पेश किया.
पुराने बयान से शुरू हुआ विवाद
कुछ दिन पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के एक बयान के बाद यह मुद्दा गरमाया था. इसके बाद सपा से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर राजभर के ऑटो चालक वाले अतीत को निशाने पर लिया. यही बात राजभर को नागवार गुजरी और उन्होंने उसी अंदाज में जवाब देने का फैसला किया.
संघर्ष भरा रहा है राजभर का सफर
ओम प्रकाश राजभर ने खुद एक कार्यक्रम में बताया कि छात्र जीवन में वे ऑटो चलाकर अपनी जिंदगी चलाते थे. एक घटना में ट्रैफिक इंस्पेक्टर द्वारा मारा गया थप्पड़ उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना, जिसने उन्हें राजनीति की राह पकड़ने के लिए प्रेरित किया. बाद में उन्होंने बीएसपी से शुरुआत की और फिर अपनी पार्टी बनाकर राजनीति में मजबूत पहचान बनाई.
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना
राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव “चांदी के चम्मच” के साथ पैदा हुए हैं, जबकि उन्होंने संघर्ष करके यहां तक का सफर तय किया है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग एसी कमरों में राजनीति करते हैं, उन्हें आम आदमी का संघर्ष समझ नहीं आता.
“ऑटो वाला होना मेरा अभिमान है”
सोशल मीडिया पर राजभर ने लिखा कि उनकी यह तस्वीर उनका मजाक नहीं, बल्कि उनकी पहचान है. उन्होंने कहा कि ऑटो चलाने के दिनों की यादें उनके लिए आज भी खास हैं और उनका संघर्ष अभी भी जारी है. राजभर ने साफ कर दिया कि वे गरीब और मेहनतकश लोगों के बीच से निकले नेता हैं, और यही उनकी असली ताकत है.














