Ramjilal Suman Surrender: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने बुधवार को एक पुराने मामले में जारी गैर-जमानती वारंट के तहत अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने एसीजेएम फर्स्ट की अदालत में सरेंडर किया. इसके बाद उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई, जिसे बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया.
2011 का है पूरा मामला
यह मामला करीब 15 साल पुराना यानी वर्ष 2011 का बताया जा रहा है. आरोप है कि उस दौरान अलीगढ़ के कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला तुर्कमान गेट स्थित सामियाना प्लाजा में बिना अनुमति के एक सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई थी. इस दौरान सामियाना प्लाजा का ताला और गेट तोड़ने का भी आरोप लगा था. इसी मामले में अदालत की ओर से सांसद रामजीलाल सुमन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था.
कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
बुधवार को जैसे ही सांसद रामजीलाल सुमन के अदालत पहुंचने की सूचना मिली, कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले लोगों की सघन निगरानी भी की गई. इस दौरान कोर्ट में सपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखने को मिली.
एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर हुई याचिका
एसीजेएम फर्स्ट की अदालत में आत्मसमर्पण के बाद सांसद की जमानत अर्जी पर सुनवाई शुरू हुई. हालांकि, बाद में इस मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट (एसीजेएम सेकंड) की अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया. इस ट्रांसफर के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में सांसद की जमानत याचिका पर आगे की कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई की गई. इस पुराने मामले के दोबारा गरमाने से स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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