उत्तर प्रदेश : विधान सभा के बाद विधान परिषद में भी पारित हुआ जीएसटी

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक बुधवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भी पारित हो गया. मंगलवार को इस विधेयक को विधानसभा के समक्ष रखा गया था जहां सभी विधायकों ने चर्चा के बाद इस पर अपनी मंजूरी दे दी.

उत्तर प्रदेश :  विधान सभा के बाद विधान परिषद में भी पारित हुआ जीएसटी

विधान परिषद में GST विधेयक पर चर्चा के बाद उसे पास कर दिया गया (फाइल फोटो)

लखनऊ:

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक बुधवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भी पारित हो गया. मंगलवार को इस विधेयक को विधानसभा के समक्ष रखा गया था जहां सभी विधायकों ने चर्चा के बाद इस पर अपनी मंजूरी दे दी. विधेयक पर चर्चा के बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि प्रदेश में अब अपराधी छवि वाले लोग ठेकेदारी नहीं कर सकेंगे.

उन्होंने कहा कि प्रदेश को बाढ़ से बचाने के लिए तटबंधों का काम तेजी से किया जा रहा है. इससे पहले विधानसभा में बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने बताया कि राज्य के 38 जिलों के 30 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंध हैं. इनकी मरम्मत के लिए 30 करोड़, 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 16 करोड़ रुपये से अधिक धन दिया जा चुका है. 

कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने स्वीकृत धन को ऊंट के मुंह में जीरा बताया. उन्होंने जानना चाहा कि क्या मानसून शुरू होने से पहले 15 जून तक तटबंधों की मरम्मत हो जाएगी.

स्वाति सिंह ने 15 जून के पहले तटबंधों की मरम्मत का आश्वासन देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सरकार सजग है. मुख्यमंत्री ने भी आश्वस्त किया है कि मानसून शुरू होने के पहले तटबंधों के निर्माण कर लिए जाएंगे. 

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि फाइल अब अभी वित्त विभाग में ही लटकी है तो 15 जून तक काम कैसे पूरे हो जाएंगे, क्योंकि टेंडर प्रक्रिया में ही दो महीने लग जाएंगे. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लालजी वर्मा ने भी तटबंधों के निर्माण के संबंध में सवाल खड़े किए.

(इनपुट आईएएनएस से)


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