Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार लगातार नए कदम उठा रही है. इसके चलते दिल्ली सरकार ने बीते शनिवार को राजधानी में पॉल्यूशन से निपटने के लिए नई तकनीकों का ट्रायल शुरू कर दिया है. इसके तहत दिल्ली में अलग-अलग मेड इन इंडिया एयर प्यूरीफाइंग सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि प्रदूषण का निपटारा किया जा सके. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये प्यूरीफाइंग सिस्टम कहां लगाए गए हैं और ये कैसे काम करेंगे...
1. STR 101 फिल्टरलेस एयर प्योरिफायर
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सक गुरु राम सिंह मार्ग पर STR 101 फिल्टरलेस एयर प्योरिफायर मशीनें लगाई गई हैं. इसके कुल 21 डिवाइस इस मार्ग पर लगाए गए हैं. ये मशीनें हवा में मौजूद धुआं, धूल, PM2.5 और PM10 जैसे छोटे कणों के साथ-साथ अन्य हानिकारक पॉल्यूटेंट को कंट्रोल करने का काम करती है. इस मशीन की खास बात है कि ये सिस्टम हर घंटे करीब 3 लाख लीटर हवा को साफ करने की क्षमता रखते हैं.
2. ईवी माउंटेड एंटी स्मॉग गन
भारत का पहला जीरो-एमिशन मूविंग एंटी-स्मॉग सिस्टम कीर्ति नगर और मायापुरी इलाके में तैनात किया गया है. यह खास सिस्टम सड़कों पर उड़ने वाली धूल और प्रदूषण को कम करने का काम करता है. इसके जरिए इन क्षेत्रों में साफ हवा का एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को साफ हवा में सांस लेने में आसानी होगी और सड़क पर विजिबिलिटी भी बेहतर होगी.
3. PAWAN III पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस
'PAWAN III' पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस कीर्ति नगर फायर स्टेशन के पास लगाया गया है. यह आधुनिक सिस्टम वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को सीधे सोर्स लेवल पर ही पकड़कर उसे ट्रीट करता है. फील्ड ट्रायल के दौरान इस डिवाइस से पार्टिकुलेट प्रदूषण में करीब 29% तक कमी दर्ज की गई है, जिससे आसपास की हवा को साफ बनाने में अच्छी मदद मिल रही है.
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