Hydrogen Train Route: रेल मंत्रालय ने हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन को मंजूरी दे दी है. 10-कोच वाली ये डीईएमयू ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी. साथ ही इस ट्रेन का संचालन उत्तरी रेलवे क्षेत्र के जिंद और सोनीपत के बीच होगा. डीजल इंजन वाले ट्रेनों के मुकाबले यह ट्रेन प्रदूषण नहीं फैलाएगी, पर्यावरण के लिए ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ है. इसके अलावा हाइड्रोजन ट्रेन स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना ट्रेवल करने वालों के लिए काफी फायदेमंद रहेगी.
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत
- देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 10 कोच होंगे और ये ब्रॉड गेज ट्रैक पर चलती है.
- ये ट्रेन बहुत शांत चलेगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा.
- इस ट्रेन में दो पावर कार (DPC) हैं, जिनकी क्षमता 1200-1200 किलोवाट है, यानी कुल मिलाकर इस ट्रेन को 2400 किलोवाट ताकत मिलती है. इसके साथ 8 यात्री कोच जुड़े हुए हैं.
- यह एक पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन है. इससे किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता है और इसमें से केवल पानी की भाप निकलती है.
Ministry of Railways approves the launch of the country's first hydrogen-powered 10-coach (Diesel-Electric Multiple Unit) DEMU train.
— ANI (@ANI) May 27, 2026
The train will run at a maximum speed of 75 kmph between Jind and Sonipat Section of Northern Railway using hydrogen fuel cells to generate…
कैसे चलेगी ये ट्रेन?
हाइड्रोजन ट्रेन किसी डीजल या बिजली के इस्तेमाल से नहीं चलेगी. ये ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल का यूज करेगी जिससे बिजली उत्पन्न होगी. इससे बिजली का टोटल प्रोडक्शन 1,200 किलोवाट है. साथ ही ये ट्रेन DPRS यानी डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक तकनीक पर चलेगी. इससे पूरी ट्रेन में बिजली वितरित होती है. हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से डीजल का खर्च तो बचेगा ही साथ में कार्बन उत्सर्जन भी नहीं होगा.
संचालन को लेकर नियम
ट्रेन का संचालन फिलहाल केवल जींद-सोनीपत सेक्शन पर ही किया जाएगा. साथ ही इसका मेंटेनेंस दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में किया जाएगा. साथ ही ट्रेन को सभी तरह के सेफ्टी स्टैंडर्ड का पालन करना होगा. इसके अलावा शुरू के 3 महीनों तक ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ भी मौजूद रहेंगे. ये स्टाफ कर्मचारी रास्ते में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे. सुरक्षा की बात करें तो हाइड्रोजन प्लांट की 24 घंटे निगरानी की जाएगी और ट्रेन समेत सेंसर की नियमित सफाई की जाएगी.
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