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This Article is From Sep 03, 2017

एक ओलिंपियन को मिली खेल मंत्रालय की कमान, विजय गोयल संसदीय मामलों के राज्‍यमंत्री बनाए गए

एथेंस ओलिंपिक के रजत पदकधारी निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को आज विजय गोयल की जगह नया खेल मंत्री नियुक्त किया गया है. अभी तक खेल मंत्री का कार्यभार संभाल रहे गोयल को संसदीय मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया है.

एक ओलिंपियन को मिली खेल मंत्रालय की कमान, विजय गोयल संसदीय मामलों के राज्‍यमंत्री बनाए गए
2004 के एथेंस ओलिंपिक में राज्‍यवर्धन राठौड़ ने रजत पदक जीता था (फाइल फोटो)
  • राज्‍यवर्धन राठौड़ को खेल मंत्री नियुक्‍त किया गया
  • अब तक सूचना प्रसारण मंत्रालय में थे राज्‍य मंत्री
  • एथेंस ओलिंपिक में राठौड़ ने जीता था सिल्‍वर मेडल
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नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार के ताजा फेरबदल में खेल मंत्रालय को नया मंत्री मिला है. एथेंस ओलिंपिक के रजत पदकधारी निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को आज विजय गोयल की जगह नया खेल मंत्री नियुक्त किया गया है. अभी तक खेल मंत्री का कार्यभार संभाल रहे गोयल को संसदीय मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया है. राठौड़ अब तक सूचना प्रसारण मंत्रालय के राज्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किये गये बड़े कैबिनेट विस्तार में राठौड़ ने गोयल की जगह ली है. कर्नल राठौड़ ने 1990 के दशक के मध्य में शूटिंग रेंज में कदम रखा था.

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इसके बाद वह ओलिंपिक खेलों में भारत के पहले व्यक्तिगत रजत पदकधारी बने थे. 2004 के एथेंस ओलिंपिक में पुरुषों की डबल ट्रैप स्पर्धा में वह दूसरे स्थान पर रहे थे. ओलिंपिक खेलों में इतिहास रचने से एक साल पहले उन्होंने सिडनी में 2003 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था. एथेंस खेलों से पहले राठौर को सेना की मार्कमैनशिप यूनिट के साथ दो साल के लिए दिल्ली तैनात किया गया था जिससे उन्हें शहर की तुगलकाबाद शूटिंग रेंज में अभ्यास करने में मदद मिली. राठौड़ ने फ्रेक्चर और प्रोलेप्स्ड डिस्क से उबरकर ओलिंपिक पदक जीता था. एथेंस ओलिंपिक में क्वालीफायर में पांचवें स्थान पर रहकर उन्होंने फाइनल के लिये क्वालीफाई किया और रजत जीता.एथेंस खेलों से पहले राठौर को सेना की मार्कमैनशिप यूनिट के साथ दो साल के लिए दिल्ली तैनात किया गया था जिससे उन्हें शहर की तुगलकाबाद शूटिंग रेंज में अभ्यास करने में मदद मिली. राठौड़ ने फ्रेक्चर और प्रोलेप्स्ड डिस्क से उबरकर ओलिंपिक पदक जीता था. एथेंस ओलिंपिक में क्वालीफायर में पांचवें स्थान पर रहकर उन्होंने फाइनल के लिये क्वालीफाई किया और रजत जीता.

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सैन्य परिवार में जन्मे राठौड़ ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का इम्तिहान पास किया और भारतीय सेना की सेवा शुरू की जिसमें दो साल तक कश्मीर में आतंकवादियों से भिड़ना भी शामिल रहा.  उनकी मां का मानना है कि इससे वह ओलिंपिक फाइनल के दौरान अच्छी लय में रहे. दूसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी राठौड़ जयपुर की ‘नाइन ग्रेनेडियर्स’ से जुड़े, जिसकी उनके पिता कर्नल (सेवानिवृत्त) लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने कमान संभाली थी. भारतीय सेना से समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेने के बाद राठौड़ 2013 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और मई 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री का पद संभाला.अभिनव बिंद्रा ने राठौड़ की ओलंपिक उपलब्धि को पीछे छोड़ा और बीजिंग खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में भारत के लिये पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक हासिल किया। बिंद्रा ने भी राठौड़ को बधाई दी. बिंद्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘@राठौड़ को नया खेल मंत्री बनते हुए देखकर खुश हूं. शुभकामनायें. ’

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