विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट की छत्तीसगढ़ सरकार को फटकार, कहा- हाईकोर्ट के इंटीरियर काम का भुगतान करो

याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि उसने हाईकोर्ट की न्यायिक अकादमी और हॉस्टल के इंटीरियर व फर्निशिंग का कार्य पूरा कर दिया है, इसके बावजूद अब तक भुगतान जारी नहीं किया गया.

सुप्रीम कोर्ट की छत्तीसगढ़ सरकार को फटकार, कहा- हाईकोर्ट के इंटीरियर काम का भुगतान करो
SC ने PWD और वित्त विभाग को तीन महीने के भीतर बकाया राशि का भुगतान दिए आदेश

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायिक अकादमी और हॉस्टल के इंटीरियर एवं फर्निशिंग काम का भुगतान लंबित रखने पर छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया है. अदालत ने कहा कि ये चौंकाने वाली बात है कि हाईकोर्ट के न्यायिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का कार्य करने वाले को भुगतान नहीं दिया जा रहा है.

पीठ ने राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग यानी PWD और वित्त विभाग को तीन महीने के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसने हाईकोर्ट की न्यायिक अकादमी और हॉस्टल के इंटीरियर व फर्निशिंग का कार्य पूरा कर दिया है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक भुगतान जारी नहीं किया है.

याचिकाकर्ता ने कोर्ट में क्या कहा?

याचिकाकर्ता ने बताया कि कार्य को हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा प्रमाणित भी किया जा चुका है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर कहा कि संभव है कि हाईकोर्ट ने कार्य को मंजूरी नहीं दी हो या कुछ आपत्तियां उठाई हो. इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट और रजिस्ट्रार जनरल दोनों ने भुगतान जारी करने के लिए प्रमाणपत्र और सिफारिश जारी की है. 

कोर्ट ने जताई नराजगी

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'यह केवल आश्चर्यजनक ही नहीं बल्कि बेहद चौंकाने वाला है कि हाईकोर्ट के न्यायिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का कार्य करने वाले व्यक्ति को हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है.' 

कोर्ट ने PWD और वित्त विभाग को दिए ये निर्देश

अदालत ने निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार का PWD और वित्त विभाग हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार तीन महीने के भीतर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करें. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि  PWD सचिव वित्त विभाग के साथ समन्वय कर भुगतान सुनिश्चित करेंगे. अगर तीन महीने के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो बकाया राशि पर 12 फीसदी वार्षिक ब्याज देना होगा. आदेश का पालन न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती है.

ये भी पढ़ें: 12 जून को छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून, एमपी वालों को करना होगा इंतजार, मौसम विभाग ने बताया

ये भी पढ़ें: दिल्ली अग्निकांड के बाद जबलपुर में फायर सेफ्टी पर सख्ती: स्कूल समेत 325 संस्थानों को नोटिस

ये भी पढ़ें: UP के हरदोई में SDM पर हमला: ग्रामीणों ने गाड़ी पर फेंके पत्‍थर, सिर में लगी चोट; छावनी में तब्दील हुआ गांव

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, Chhattisgarh News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com