Indore Water Crisis Video: इंदौर में पानी की किल्लत अब इतनी बढ़ गई है कि जनप्रतिनिधियों को भी सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ रहा है. हैरानी की बात यह रही कि कांग्रेस पार्षद अफसरों के सामने दंडवत होकर रेंगते हुए पहुंचे और जनता के लिए पानी की गुहार लगाई. “स्मार्ट सिटी” कहे जाने वाले इंदौर में इस तरह के हालात ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जल संकट से जूझता इंदौर
भीषण गर्मी के बीच इंदौर के कई इलाकों में पानी की भारी कमी देखने को मिल रही है. मालवा मिल, पालदा, वार्ड 19 समेत कई क्षेत्रों में लोग रोजाना पानी के लिए परेशान हैं. नलों में पानी नहीं आ रहा और जो बोरिंग सहारा थे, वे भी सूखने लगे हैं. लोगों का कहना है कि कई दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही.
सड़क पर उतरे लोग, किया प्रदर्शन
पानी की समस्या से परेशान होकर लोग सड़कों पर उतर आए. अलग-अलग इलाकों में चक्काजाम किया गया और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी सबसे ज्यादा दिखाई दी, जिन्हें दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.
कांग्रेस पार्षद का अनोखा विरोध
इसी बीच वार्ड 75 के कांग्रेस पार्षद ने अनोखे तरीके से विरोध जताया. वे सड़क पर दंडवत होकर रेंगते हुए अधिकारियों के पास पहुंचे और हाथ जोड़कर पानी की मांग की. उन्होंने कहा, “सर पानी नहीं है… जनता मर जाएगी…” यह दृश्य जिसने भी देखा, वह स्तब्ध रह गया.
नगर निगम के दावे और जमीनी हकीकत
नगर निगम का कहना है कि नर्मदा का पानी टंकियों तक पहुंचाया जा रहा है और जहां कमी है, वहां टैंकरों से सप्लाई की जा रही है. लेकिन लोगों का आरोप है कि टैंकर समय पर नहीं पहुंचते और पानी भी पर्याप्त नहीं मिल रहा. जमीनी हालात निगम के दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं.
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए. उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन लोगों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल रही. वहीं भाजपा के पार्षद भी इस समस्या को लेकर नाराज नजर आए.
भाजपा पार्षद ने भी उठाई आवाज
वार्ड 26 के भाजपा पार्षद लाल बहादुर वर्मा भी पानी की समस्या को लेकर खुलकर सामने आए. वे अपने क्षेत्र की परेशानी लेकर विधायक के घर पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक वार्ड की नहीं, बल्कि पूरे शहर की समस्या बन गई है.
प्रशासन ने दिए समाधान के संकेत
लगातार विरोध और हंगामे के बाद महापौर और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे. चर्चा के बाद इलाके में नई पानी की टंकी और तीन बोरिंग की मंजूरी दी गई. साथ ही कुछ क्षेत्रों में तुरंत पानी पहुंचाने के लिए नए पॉइंट बनाने का आश्वासन भी दिया गया.














