विज्ञापन

AC-कूलर भी फेल हैं इस देसी जुगाड़ के आगे, बिना बिजली के घर रहेगा एकदम कूल-कूल!

Kamre Ko Thanda Rakhne Ka Desi Tarika: क्या आप भी बिजली जाने के बाद कमरे की तपन से परेशान हैं, अगर हां, तो इस देसी उपाय को अपनाकर कमरे को रख सकते हैं ठंडा-ठंडा कूल-कूल.

AC-कूलर भी फेल हैं इस देसी जुगाड़ के आगे, बिना बिजली के घर रहेगा एकदम कूल-कूल!
Khus Parda Cooling: कमरे को कैसे ठंडा रखें. (AI Generated Image)

Traditional Indian Cooling Techniques: इस भीषण गर्मी में हम खुद को और अपने घर को ठंडा रखने के लिए दिन-रात AC और कूलर चलाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारी-भरकम बिजली बिल देने से अच्छा एक और तरीका है, जिसे हमारे दादा-दादी और नाना-नानी सालों से इस्तेमाल करते आ रहे हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं खस के परदे (Khus Parda) की. ​जब देश में एयर कंडीशनर (AC) और आधुनिक कूलर नहीं हुआ करते थे, तब भारतीय घरों को ठंडा रखने का सबसे स्मार्ट और असरदार जरिया खस के परदे ही थे. आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करता है और इस गर्मी में यह आपके लिए क्यों जरूरी है.

​क्या होता है खस का परदा और यह कैसे काम करता है?

​खस (जिसे अंग्रेजी में 'Vetiver' कहा जाता है) एक तरह की प्राकृतिक घास होती है. इसकी जड़ों से एक बहुत ही खूबसूरत और भीनी-भीनी खुशबू आती है. जब इन जड़ों को मिलाकर परदे या चटाई का रूप दिया जाता है, तो इसे खस का परदा कहते हैं. ​इसको इस्तेमाल करने का तरीका बेहद आसान है. बस इस परदे को अपनी खिड़की या दरवाजे पर लटका दीजिए और इस पर थोड़ा सा पानी छिड़क कर इसे गीला कर दीजिए. जैसे ही बाहर की गर्म हवा इस गीले परदे से टकराकर घर के अंदर आएगी, वो तुरंत ठंडी हवा में बदल जाएगी. यह ठीक वैसे ही काम करता है जैसे कूलर की घास काम करती है, लेकिन इसमें आपको बिजली की बिल्कुल जरूरत नहीं होती. 

Latest and Breaking News on NDTV

​मिट्टी जैसी सोंधी खुशबू और सुकून की नींद-

​खस के परदे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब इस पर पानी पड़ता है और हवा चलती है, तो पूरे घर में पहली बारिश जैसी सोंधी-सोंधी मिट्टी की खुशबू फैल जाती है. यह खुशबू न सिर्फ दिमाग को शांति देती है बल्कि तनाव को भी कम करती है. 

बिना बिजली का नेचुरल एयर कंडीशनर-

​खस का इस्तेमाल करना हमें याद दिलाता है कि पुराने जमाने में हमारे घर 'पैसिव कूलिंग' (Passive Cooling) को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे. इसका मतलब है कि घर को ठंडा करने के लिए किसी मशीन या बिजली की नहीं, बल्कि कुदरती तरीकों की मदद ली जाती थी. यह तरीका गर्मी को उसके सोर्स यानी खिड़की-दरवाजों पर ही रोक देता है, जिससे घर के अंदर का तापमान अपने आप कम हो जाता है.

​खस का परदा लगाने से पहले नोट करें ये बातें-

​क्रॉस वेंटिलेशन जरूरी है- खस का परदा तभी बेस्ट रिजल्ट देता है जब घर में हवा आने और जाने का सही रास्ता हो. एक तरफ से ठंडी हवा आए और दूसरी तरफ से गर्म हवा बाहर निकल जाए.
​समय-समय पर पानी छिड़कें- परदे को सूखने न दें. जैसे ही यह सूखने लगे, इस पर पानी का छिड़काव कर दें ताकि कूलिंग बनी रहे.
​सही साइज का चुनाव- अपनी खिड़की या दरवाजे के साइज को ठीक से नापकर ही इसे खरीदें ताकि बाहर की लू अंदर न आ सके.

ये भी पढ़ें- गर्मियों में पसीने की बदबू से हैं परेशान? शहनाज हुसैन के इन देसी उपायों से दिनभर रहेंगे फ्रेश

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com