दूध में मिलाकर पिलाएं यह ड्राई फ्रूट पाउडर, बच्चों की हड्डियां बनेंगी मजबूत सेहत भी रहेगी दुरुस्त

Dry fruit powder : ड्राई फ्रूट पाउडर बच्चे को 8 महीने की उम्र के बाद पिलाया जा सकता है. हालांकि, बच्चे को किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो आपको एकबार डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए. 

दूध में मिलाकर पिलाएं यह ड्राई फ्रूट पाउडर, बच्चों की हड्डियां बनेंगी मजबूत सेहत भी रहेगी दुरुस्त

Child health : ड्राई फ्रूट पाउडर बच्चे को 8 महीने की उम्र के बाद पिलाया जा सकता है.

Kid's Health: जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है वैसे-वैसे उसकी पोषण से जुड़ी जरूरतें भी बढ़ने लगती हैं. तकरीबन 8 से 10 महीने का हो जाने के बाद बच्चे को गिलास में दूध देते हुए मां चॉकलेट पाउडर या हाइट बढ़ाने का दावा करने वाला पाउडर मिलाकर पिलाने लगती हैं. लेकिन, आप अपने बच्चे की सेहत (Child's Health) दुरुस्त करने के लिए खुद घर पर ड्राई फ्रूट पाउडर (Dry Fruits Powder) तैयार कर सकती हैं. सूखे मेवों में पाए जाने वाले पोषक तत्व बच्चे को मजबूती देते हैं, वृद्धि और विकास में सहायक होते हैं व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. जानिए किस तरह बनाया जाता है ये ड्राई फ्रूट पाउडर जो बच्चों को भी खूब पसंद आता है. 

बच्चों के लिए ड्राई फ्रूट पाउडर | Dry Fruit Powder For Children 

ड्राई फ्रूट पाउडर बच्चे को 8 महीने की उम्र के बाद पिलाया जा सकता है. हालांकि, बच्चे को किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो आपको एकबार डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए. 

सामग्री 


बादाम -100 ग्राम 
पिस्ता - 100 ग्राम 
काजू - 100 ग्राम 
केसर - 7-8 लच्छे 
जायफल का पाउडर - एक चम्मच 
हल्दी - आधा चम्मच 


विधि 

  • सबसे पहले बादाम, पिस्ता और काजू को हल्का घिस लें. 
  • अगर आप चाहें तो बादाम (Almonds) को भिगो कर छील भी सकते हैं. इनका छिलका निकालने के बाद इन्हें सुखाकर फिर भुना जा सकता है. 
  • अब एक पैन गर्म करें और उसमें केसर के लच्छे डाल लें और इनका रंग हल्का गहरा होने तक आंच पर रखें. 
  • जायफल को घिस कर उसका पाउडर बना लें. 
  • अब भुने हुए तीनों सूखे मेवों (Dry Fruits) को मिक्सर में डाल लें और ऊपर से जायफल और हल्दी (Turmeric) डालकर पीस लें. 
  • इन्हें बहुत ज्यादा देर ना पीसें वरना ड्राई फ्रूट्स से तेल निकलने लगेगा. 
  • इसके बाद इस पाउडर को किसी बंद डिब्बे में डालकर रखें. 
  • यह पाउडर बच्चों को चम्मच भर खिलाया भी जाता सकता है और दूध में मिलाकर भी दिया जा सकता है.

इस पाउडर को दलिया, खीर, शेक, स्मूदी, पैन केक या फिर फलों के साथ भी दिया जा सकता है. हालांकि, ध्यान रहे कि आप इसकी सीमित मात्रा ही बच्चे को दें नहीं तो पेट खराब होने की स्थिति बन सकती है क्योंकि यह गर्म होता है. 

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इस पाउडर में मौजूद हल्दी बच्चे को मौसमी बीमारियों से दूर रखती है, वहीं, सूखे मेवे प्रोटीन, कैल्शियम (Calcium) और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के अच्छे स्त्रोत हैं.