झारखंड: होटल में खाना खा रहे थे लोग, अचानक घुस आया हिरण; हर कोई रह गया हैरान

हिरण होटल पर‍िसर में घूमने के बाद चला गया. खाना खा रहे लोगों ने वीड‍ियो और फोटो कैमरे में कैद कर ल‍िए. सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. (प्रभात कुमार)

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होटल परिसर में घुसा हिरण.

जमजेशपुर के चांडिल रेंज क्षेत्र के तर्गत हमसादा में NH-33 किनारे स्थित 'होटल वन पलासी' में एक हिरण अचानक होटल परिसर में घुस आया. हिरण को देखकर मौजूद लोगों में और कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई. कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरण ज्यादा देर तक होटल परिसर में नहीं ठहरा. कुछ देर तक परिसर में उछल-कूद करने के बाद वह बाहर निकल गया. NH-33 पार कर गांव की ओर चला गया. राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते हुए हिरण को देखकर लोगों के बीच चिंता भी बनी रही, क्योंकि तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटना की आशंका थी. हालांकि, राहत की बात यह रही कि हिरण सुरक्षित  सड़क पार कर गांव की ओर निकल गया. 

घटना के बाद होटल संचालक ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी. मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

 "20 साल बाद दिखा ऐसा दृश्य"

'होटल वन पलासी' के संचालक बुद्धेश्वर ने बताया कि पिछले करीब 20 वर्षों बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला. उन्होंने कहा कि पहले इस तरह गांव या घरों के आसपास हिरणों की मौजूदगी कम ही देखने को मिलती थी, लेकिन अब गांव और घर के आंगन तक हिरण पहुंच रहे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है. 

लोगों में जागरूकता बढ़ी 

बुद्धेश्वर मार्डी ने कहा, यह अच्छी बात है कि वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि हो रही है. इस वर्ष विशु शिकार लगभग नहीं के बराबर हुआ, जिसका परिणाम अब देखने को मिल रहा है. वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, और इसका असर भी दिखाई दे रहा है. 

वन विभाग की सराहना की 

उन्होंने वन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग लगातार वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग को इस दिशा में और सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि जंगली जानवरों के आबादी क्षेत्र में आने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न घटे और वन्यजीवों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके. 

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यह घटना एक बार फिर जंगल और आबादी क्षेत्र के बीच बढ़ते संपर्क को दर्शाती है. स्थानीय लोग भी मान रहे हैं कि यदि वन्यजीव सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं तो यह पर्यावरण संतुलन और संरक्षण प्रयासों का नतीजा है. 

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