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पहाड़ी राज्य में निवेश लाना मुश्किल चुनौती, धामी सरकार ने करके दिखाया : गृह मंत्री अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2023 में उत्तराखंड में हुए ग्लोबल इंवेस्टर समिट में जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बताया कि राज्य में 3 लाख 56 हजार करोड़ रुपए के एमओयू आए हैंग्लोबल इंवेस्टर समिट , तो उन्होंने धामी से कहा था कि एमओयू लाना कोई बड़ी बात नहीं है, उन्हें जमीन पर उतारना बड़ा काम है. शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश जमीनी सच्चाई बन चुका है.

पहाड़ी राज्य में निवेश लाना मुश्किल चुनौती, धामी सरकार ने करके दिखाया : गृह मंत्री अमित शाह
रुद्रपुर:

केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ₹1 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग के अवसर पर आयोजित 'उत्तराखंड निवेश उत्सव – 2025' समारोह और प्रदेश सरकार की ₹1271 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया. 'उत्तराखंड निवेश उत्सव' में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह उत्तराखंड आने पर हर बार एक नई ऊर्जा लेकर लौटते हैं. उत्तराखंड में आते ही चारों धामों में बैठे देवी-देवताओं, गंगा-यमुना और यहां आध्यात्म की अलख जगाने वाले संतों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

शाह ने कहा कि उत्तराखंड को देव भूमि कहते हैं क्योंकि एक ओर पर्वत की चोटियाँ न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को आध्यात्म की ऊंचाई पर ले जाती हैं, बल्कि यहां बसे हुए संत-महात्मा हजारों वर्ष से गंगा के साथ बहती अपनी भारतीय संस्कृति को और पावन बनाने का काम कर रहे हैं और साथ ही यहां की नदियां आधे भारत को पेयजल और खेती का पानी मुहैया करा कर जीवन देने का काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है.

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2023 में उत्तराखंड में हुए ग्लोबल इंवेस्टर समिट में जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बताया कि राज्य में 3 लाख 56 हजार करोड़ रुपए के एमओयू आए हैंग्लोबल इंवेस्टर समिट , तो उन्होंने धामी से कहा था कि एमओयू लाना कोई बड़ी बात नहीं है, उन्हें जमीन पर उतारना बड़ा काम है. शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश जमीनी सच्चाई बन चुका है.

उन्होंने कहा कि मैदानी और पहाड़ी राज्यों में निवेश लाना पहाड़ चढ़ने जैसा कठिन काम है, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सारी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद और सारी परंपरागत धारणाओं को तोड़ते हुए उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश लाने में सफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के साथ-साथ 81 हजार से ज्यादा रोजगार का सृजन हुआ है. इनके सहायक उद्योग से (ancillary industry) से ढाई लाख नए रोजगार पैदा होने की संभावना है और सबसे बड़ी बात है कि टायर-टू और टायर-थ्री शहरों तक निवेश पहुंचा है. निवेश में औद्योगिक विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन का भी ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  धामी ने नीति में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और दृष्टि में दूरदर्शिता के साथ पूरे उत्तराखंड के विकास का नया खाका खींचा है.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब उत्तराखंड के लोग अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे, तब विपक्षी पार्टी ने उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर अत्याचार किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने का काम तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया. अटल जी ने तीन राज्य - उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ बनाए. इन तीनों राज्यों ने अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने की शुरुआत की. उस पर सोने पर सुहागा यह हुआ कि 2014 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की सरकार आई. अटल जी ने जो बनाया, मोदी जी ने उसे संवारने का काम किया. उत्तराखंड में अब डबल इंजन की सरकार है.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने पूरे देश के विकास का खाका खींचा. चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, शिक्षा नीति में स्पष्टता लानी हो, देश के औद्योगिक विकास की नींव डालनी हो, अर्थतंत्र को आगे बढ़ाना हो, हर क्षेत्र में मोदी जी ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बीते 10 साल में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में 60 प्रतिशत की वृद्धि की है. ग्रामीण क्षेत्रों में नई आठ लाख किलोमीटर सड़क बनाने का काम किया है. देश के 333 जिलों में सुविधाजनक ‘वंदे भारत' ट्रेन पहुंची है. 45 हजार किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हुआ है. 88 नए हवाई अड्डे बने और इनलैंड वाटर वे कार्गो में 11 गुणा वृद्धि हुई है. इन विकास कार्यों का ही परिणाम है कि अटल जी इस देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर पर छोड़ कर गए थे और मोदी जी 10 साल में इसे 11वें नंबर से चौथे नंबर पर ले आए हैं.

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2027 में हम विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस तेज गति से विकास हुआ है, सेवा क्षेत्र में हमारा निर्यात दो गुना हुआ और 76 प्रतिशत निर्यात बढ़ा, उससे हम सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बने हैं.  शाह ने कहा कि मोदी जी ने यह मिथक तोड़ दिया है कि औद्योगिक विकास और गरीब कल्याण एक साथ नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश के 80 करोड़ गरीबों को 5 किलों अनाज मुफ्त देकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की, करोड़ों लोगों को पाँच लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा देने से अस्पताल में भर्ती होने पर आने वाला उनका खर्च माफ हो गया, 16 करोड़ घरों में आजादी के बाद पहली बार नल आया, 12 करोड़ घरों में शौचालय बने, 13 करोड़ घरों में एलपीजी सिलिंडर पहुंचा, 3 करोड़ घरों में पहली बार बिजली आई और चार करोड़ लोगों को घर दिए. इसके साथ ही 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर लाने का काम भी किया गया.

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने 2047 तक भारत को पूर्ण रूप से विकसित बनाने का संकल्प देश की जनता के सामने रखा है. विकसित उत्तराखंड के बगैर विकसित भारत का निर्माण संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक हमारे छोटे राज्य आगे नहीं बढ़ते, देश में एकसमान विकास नहीं हो सकता. इसी तरह पूर्वी क्षेत्र के राज्य जब तक आगे नहीं बढ़ते, देश के अंदर सम विकास नहीं हो सकता. इसलिए केन्द्र सरकार ने छोटे राज्यों और पूर्वी राज्यों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है. मोदी जी छोटे व पूर्वी राज्यों के विकास से देश का एकसमान विकास कर रहे हैं.

अमित शाह ने कहा कि जहां एक ज्योतिर्लिंग, तीन शक्तिपीठ, चार धाम, पंच प्रयाग, पंच केदार और सप्त बद्री जैसे पवित्र स्थल विराजमान हों, उस उत्तराखंड के विकास को कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने उत्तराखंड की जरूरत के अनुरूप स्थायित्व लाने वाली नीति दी, उद्योग जगत के लिए रेड कार्पेट बिछाने वाला वातावरण और पारदर्शी शासन दिया, अच्छी कानून-व्यवस्था दी और ऐसी आधारभूत संरचना दी ताकि 24 घंटे 365 दिन पर्यटक आते रहें.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने उत्तराखंड को सुविधाएं देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है. उन्होंने कहा कि कुछ एक्टिविस्ट हमारे चार धाम तक के लिए 12 महीने चलने वाली रोड के निर्माण को रोकने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मोदी जी ने शिद्दत के साथ भारत सरकार के वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में खड़ा किया और all weather road चार धाम तक पहुंचाने का काम लगभग पूरा कर लिया है. जिस दिन यह काम पूरा हो जाएगा, 12 माह उत्तराखंड में पर्यटकों का तांता लगेगा. शाह ने कहा कि 2700 करोड़ रुपए की लागत से गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक12 किलोमीटर लंबा रोप वे और चार हजार करोड़ रुपए की लागत से सोनप्रयाग-केदारनाथ रोप वे का निर्माण आने वाले दिनों में पूरे विश्व से पर्यटकों को आकर्षित करेगा. श्रद्धालुओं के लिए कई ऐसे रोड बनाए जा रहे जो सीधा दिल्ली को जोड़ेंगे.

अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड में एक स्थायी नीति के कारण औद्योगिक निवेश का वातावरण बना. टूरिज्म पॉलिसी, स्टार्ट-अप पॉलिसी, फिल्म सिटी पॉलिसी, सर्विस सेक्टर के लिए पॉलिसी और आयुष पॉलिसी बनी. सारे अप्रूवल सिंगल विंडो से करवाने की व्यवस्था कर मुख्यमंत्री जी ने उद्योगपतियों को काफी सहूलियत दी है. आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती, यह चारों आने वाले दिनों में उत्तराखंड के विकास का आधार बनने वाले हैं. आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती यहां परंपरा भी है, इनके लिए उचित वातावरण भी है और इनमें जनता की श्रद्धा भी है. इन चारों क्षेत्रों में कई गुणा ज्यादा इंवेस्टमेंट और टूरिस्ट को आकर्षित करने की संभावना है. उन्होंने कहा कि राज्य में बनाए गए अंतराष्ट्रीय कंटेनर डिपो निर्यात और लॉजिस्टिक्स को आगे बढ़ाएंगे. हरिद्वार, देहरादून, उधमसिंह नगर में प्लग एंड प्ले की सुविधाएं विकसित हो रही हैं. स्टार्ट-अप के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं और राज्य की मौजूदा सरकार ने विकास का समग्र वातावरण बनाया है.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2004 से 2014 तक विपक्षी पार्टी की सरकार के दौरान उत्तराखंड को devolution और grant-in-aid के कुल मिलाकर 53 हजार करोड़ रुपए दिए गए, जबकि मोदी जी ने 2014 से 2024 के दौरान करीब साढ़े तीन गुणा ज्यादा एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए दिए. इसके अलावा, सड़कों के लिए 31 हजार करोड़ रुपए, रेलवे के लिए 40 हजार करोड़ रुपए और एयरपोर्ट्स के लिए 100 करोड़ रुपए दिए. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर विपक्षी पार्टी की सरकार की तुलना में हमने सवा चार गुणा अधिक धनराशि उत्तराखंड को दी है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि जब राज्य का विकास होता है तो हवन में हड्डियां डालने का काम बंद कर देना चाहिए. जब राज्य आगे बढ़ रहा हो तो हर राजनीतिक पार्टी का दायित्व है कि इसका समर्थन करे.

अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने विकास के साथ विरासत को भी जोड़ा है. भारतीयता, भारतीय संस्कृति और भारतीय भाषा, इन तीनों को छोड़े बगैर दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करना ही हमारा लक्ष्य है.

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