विज्ञापन

मां का घर छीना, अकाउंट से 1.63 करोड़ भी निकाले, बेसहारा मां का दर्द सुन SC ने बेटे को सुनाई खरी-खरी

समाज को ये हो क्या गया? बेटा ही बुजुर्ग मां को उम्र के इस पड़ाव में बेसहारा छोड़ रहा है. जिसके बाद 74 साल की मां को अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

मां का घर छीना, अकाउंट से 1.63 करोड़ भी निकाले, बेसहारा मां का दर्द सुन SC ने बेटे को सुनाई खरी-खरी
सुप्रीम कोर्ट ने मां को छोड़ने वाले बेटे को लगाई फटकार. (फाइल फोटो)
  • तेलंगाना में एक बेटे ने मां की प्रॉपर्टी अपने नाम करवाने और उसके खाते से पैसा निकलाने के बाद उसे बेसहारा छोड़ा
  • सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को फटकार लगाते हुए मध्यस्थता के जरिए मामला सुलझाने की नसीहत दी
  • कोर्ट ने कहा कि बेटे का मां के साथ ऐसा व्यवहार अशोभनीय है
नई दिल्ली:

बेटे ने 74 साल की बुजुर्ग विधवा मां की न सिर्फ प्रॉपर्टी अपने नाम करवाई बल्कि उसके खाते से बिना पूछे.63 करोड़ रुपये निकाल भी लिए. बुजुर्ग मां को न्याय की खातिर अदालत की चौखट तक आना पड़ा. तेलंगाना का ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. अदालत ने मां को बेसहारा छोड़ने वाले बेटे को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि एक बेटे के तौर पर ये आचरण बेहद गंभीर और अनुचित है.

संपत्ति लेने के बाद मां से तोड़ा रिश्ता

 मां ने आरोप लगाया है कि बेटे ने उनकी प्रॉपर्टी और पैसे पर कब्जा करने के बाद उनसे रिश्ता तोड़ लिया. बेटे ने उनको घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया. इतना ही नहीं उनकी सहमति के बिना उनके डॉइंट बैंक अकाउंट से उसने 1.63 करोड़ रुपये भी निकाल लिए. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनमोहन और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने बेटे की याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के निष्कर्ष बेहद गंभीर हैं. अदालत ने बेटे को मध्यस्थता के ज़रिए मामले को शांति से सुलझाने की नसीहत दी. 

मां के साथ बेटे का ऐसा व्यवहार अशोभनीय

⁠बेंच ने बेटे से कहा कि एक बार कोशिश करके देखिए कि क्या रिश्ते सुधारे जा सकते हैं. वह आपकी मां हैं. उनके साथ झगड़ा सुलझा लीजिए और उनकी देखभाल कीजिए. अदालत ने कहा कि इस मामले के तथ्य बहुत साफ़ और गंभीर हैं. मां के साथ बेटे का ऐसा व्यवहार अशोभनीय है. बेंच ने हाईकोर्ट की उन बातों का भी ज़िक्र किया, जिनमें कहा गया था कि बेटे ने मां से बात करना बंद कर दिया था, उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर किया और वह उन्हें वापस लाने को तैयार नहीं था. सुप्रीम कोर्ट ने बेटे से कहा कि अपने व्यवहार को देखिए. संपत्ति पर कब्ज़ा करने के बाद, आपने मां को घर छोड़ने पर मजबूर किया और उन्हें वापस लाने को तैयार नहीं हैं.

मां के त्याग को भुलाया नहीं जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट की बातें बहुत साफ़ हैं. एक बेटे ने अपनी मां के साथ क्या किया है, इस मामले में नोटिस जारी करना बहुत मुश्किल है. बता दें कि इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने बेटे के पक्ष में हुई गिफ्ट डीड को रद्द कर संपत्ति मां को वापस देने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने कहा था कि मां द्वारा अपने बच्चे के लिए किए गए त्याग को साधारण पारिवारिक मतभेदों के आधार पर भुलाया नहीं जा सकता. संपत्ति और धन मिलने के बाद बेटे का मां की उपेक्षा करना उसके वास्तविक इरादों को दर्शाता है.

बेटे को मां के साथ रिश्ते सुधारने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है. अदालत ने बेटे को एक अंतिम अवसर देते हुए मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने और मां के साथ रिश्ते सुधारने की सलाह दी. बता दें कि ट्रिब्यूनल और बाद में हाई कोर्ट ने मां के पक्ष में फैसला दिया था, जिसके खिलाफ बेटा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.

ये भी पढ़ें- सरकार गई, विधायक गए, अब सांसद भी बागी... क्या पार्टी बचा पाएंगी ममता बनर्जी? समझिए

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, Telangana News, Mother Son Conflict, Property Dispute, Telangana High Court
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com