- इस साल देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, ट्रेकर आदि आदि कैलाश पहुंचे हैं.
- इनर लाइन परमिट जारी करने का आंकड़ा यात्रा शुरू होने के केवल 39 दिनों में पिछले पूरे सत्र से अधिक हो गया है.
- आदि कैलाश और ओम पर्वत भारत-तिब्बत-चीन सीमा पर स्थित हैं, जिनकी ऊंचाई क्रमशः लगभग 5945 और 5590 मीटर है.
देश के विभिन्न राज्यों से इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, ट्रेकर और प्रकृति प्रेमी आदि कैलाश पहुंचे हैं. यात्रा शुरू होने के केवल 39 दिनों के भीतर जारी किए गए इनर लाइन परमिट का आंकड़ा पिछले पूरे यात्रा सत्र का रिकॉर्ड पार कर चुका है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र धारचूला में स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत भारत-तिब्बत-चीन सीमा पर स्थित हैं. आदि कैलाश लगभग 5945 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक दुर्गम स्थान है, जिसे भगवान शिव का निवास माना जाता है, जबकि ओम पर्वत समुद्र तल से करीब 5590 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.
साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस स्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली. इसके बाद हर वर्ष यहां श्रद्धालुओं, पर्यटकों और साहसिक पर्यटन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है. इस साल भी देशभर से बड़ी संख्या में लोग पिथौरागढ़ पहुंचकर आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और परमिट प्रक्रिया को सरल बनाकर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई हैं.

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि बेहतर सड़क संपर्क, यात्री सुविधाओं का विस्तार, सरल परमिट प्रक्रिया और आवासीय व्यवस्थाओं में सुधार के कारण यात्रा में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई है. इस बढ़ती संख्या से स्थानीय व्यापार, परिवहन, होमस्टे, हस्तशिल्प और स्वरोजगार गतिविधियों को भी सीधा लाभ मिल रहा है.

जिला प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार यात्रा अनुभव देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. बढ़ती पर्यटक संख्या सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है. इन्हीं पहलों और बढ़ती राष्ट्रीय पहचान का परिणाम है कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, ट्रेकर और प्रकृति प्रेमी आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा के लिए पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं. यात्रा के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण इस वर्ष आगंतुकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और पिछले वर्ष के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए हैं.
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