घरेलू LPG सिलेंडर की पिछले तीन महीने में 2 बार बढ़ी कीमतों के बावजूद बिशनी देवी को कोई खास फर्क नहीं पड़ा था. दरअसल, बिशनी देवी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर ले रही हैं, जिस पर उन्हें 300 रुपये की सब्सिडी मिलती थी. लेकिन मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों (LPG Cylinder) की संख्या को प्रति वर्ष 9 से घटाकर सिर्फ 4 कर दिया है. बिशनी देवी को अब 5वें सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी, उन्हें पूरे 942 रुपये देने होंगे. बिशनी देवी अकेली नहीं हैं, देशभर में 10 करोड़ से ज्यादा घर हैं, जो इस समय उज्ज्वला योजना का लाभ उठा रहे हैं. ऐसे में करोड़ों लोग सरकार द्वारा की गई इस कटौती से प्रभावित होंगे.
साल के 5 महीने में ही यूज कर लिए सस्ते सिलेंडर तो क्या अब नहीं मिलेगा?
सरकार का कहना है कि उज्ज्वला योजना में LPG सिलेंडरों में ये कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी. ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में आप सिलेंडर ले चुका है, तो क्या अब आपको अगला सिलेंडर बिना सब्सिडी का मिलेगा? जी नहीं, सरकार की सब्सिडी स्कीम एक वित्त वर्ष के लिए दी जाती है और फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत अप्रैल महीने से होती है. ऐसे में अगर अगर किसी ने उज्ज्वला योजना के तहत जनवरी, फरवरी और मार्च में एक-एक सिलेंडर ले लिया है, तो भी वह अप्रैल 2026 से मार्च 2027 के बीच 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर ले सकता है. अगर आपने अप्रैल और मई में एक-एक सब्सिडी वाला सिलेंडर लिया है, तो भी आने वाले महीनों में आप 2 और सब्सिडी के सिलेंडर 642 रुपये के रेट से ले सकते हैं.

उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी के मुताबिक, देश भर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 10 करोड़ से ज्यादा है. देशभर के करोड़ों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा रहे हैं. हालांकि, अब मोदी सरकार को इस योजना में कटौती करनी पड़ी है. वजह से है ईरान और इजरायल-US के बीच जंग के बाद पैदा हुए हालात, जिनसे दुनियाभर में ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है.
उज्ज्वला योजना से जुड़ी अहम बातें
- उज्ज्वला योजना के तहत अब लोगों को सिर्फ 4 LPG सिलेंडर यानि 1200 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जो पहले 2700 रुपये थी.
- इस योजना के लाभार्थियों को सिर्फ 642 रुपये में LPG सिलेंडर मिलता है.
- उज्ज्वला योजना के लाभार्थी अगर पूरे साल 9 सिलेंडर लेते हैं, तो उन्हें 1500 रुपये अधिक देने होंगे.
- उज्ज्वला योजना के तहत साल 2022 से अब तक सरकार करीब 52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे चुकी है.
- पेट्रोलियम कंपनियों को LPG बिक्री पर प्रति सिलेंडर लगभग 700 रुपये का नुकसान हो रहा है.
- 2022 में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए प्रति सिलेंडर 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की थी.
- अक्टूबर, 2023 में उज्ज्वला योजना में सब्सिडी बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था.
- उज्ज्वला योजना के तहत एक साल में पहले 9 सिलेंडर मिलते थे, जिसे अब में 4 कर दिया गया.

गरीब के चूल्हे पर ईरान युद्ध का असर
ईरान और अमेरिकी के बीच जारी जंग से पैदा हुए हालात का असर अब गरीब के चूल्हे पर भी पड़ने लगा है. मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों (LPG Cylinder) की संख्या को प्रति वर्ष 9 से घटाकर सिर्फ 4 कर दिया है. अगर आप उज्ज्वला योजना के तहत जनवरी से जून के बीच 4 सिलेंडर ले चुके हैं, तो आपको अगले सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी. इसके लिए आपको 942 रुपये ही देने होंगे. मोदी सरकार ने यह कटौती वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि और तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे के बीच सब्सिडी की बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के मकसद से की है.
क्यों घटाई गई गरीबों की सब्सिडी?
यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब घरेलू एलपीजी की आपूर्ति लागत में भारी वृद्धि हुई है, प्रति सिलेंडर की लागत बढ़कर 1,600 रुपए से अधिक हो गई है, जबकि तेल कंपनियां वर्तमान में बेचे गए प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 700 रुपए का घाटा उठा रही हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खानूजा ने एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि पात्र पीएमयूवाई लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी मिलती रहेगी, लेकिन यह सब्सिडी केवल वर्ष में पहले चार बार के लिए ही मान्य होगी. इस योजना के तहत प्रति परिवार वार्षिक सब्सिडी सहायता प्रभावी रूप से 1,200 रुपए तक सीमित हो जाती है.

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खानूजा ने यह भी बताया कि दिल्ली में पीएमयूवाई के उपभोक्ता वर्तमान में 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर के लिए 642 रुपए का भुगतान कर रहे हैं, जबकि सामान्य उपभोक्ता इसी सिलेंडर के लिए 942 रुपए का भुगतान कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि यहां तक कि गैर-उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को भी वैश्विक मूल्य अस्थिरता के पूर्ण प्रभाव से बचाया जा रहा है, क्योंकि सरकारी हस्तक्षेप परिवारों को उच्च अंतरराष्ट्रीय एलपीजी दरों से राहत प्रदान कर रहे हैं. इस बीच, पिछले सप्ताह घरेलू कुकिंग गैस की कीमतों में 29 रुपए प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है, जो तीन महीनों में दूसरी वृद्धि है. वैश्विक ऊर्जा लागत में वृद्धि के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर लगातार दबाव बना हुआ है.
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