- मॉनसून दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर चुका है
- मॉनसून अब पूर्वी राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा की ओर बढ़ रहा है तेजी से
- वहीं यूपी, दिल्ली समेत उत्तर भारत के राज्यों में दो दिन प्री मॉनसून रेन होगी
Monsoon Latest Update: मॉनसून ने दक्षिण भारत के बाद मंगलवार को सभी पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को भी कवर कर लिया. भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मॉनसून पिछले 5 दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गोवा पहुंच चुका है. मंगलवार को भारत मौसम विभाग ने कहा, मॉनसून 9 जून, 2026 को पूर्वोत्तर राज्यों के शेष हिस्सों, पूरे सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है. इन सभी राज्यों में मॉनसून की बारिश रिकॉर्ड की जा रही है.
मॉनसून की बारिश पूर्वोत्तर भारत तक पहुंची
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों में छा जाएगा.तमिलनाडु और छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं. इस बार मॉनसून 3 दिन की देरी से चार जून को केरल तट पर पहुंचा है.
दिल्ली-यूपी में प्री मॉनसून रेन
उत्तर भारत के राज्यों में भले ही मॉनसून पहुंचने में अभी देरी हो, लेकिन हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण जून में फिर से बारिश मैदानी इलाकों में होने वाली है. 11-12 जून और कई राज्यों में 14 जून तक आंधी, बारिश और बिजली गिरने का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
मॉनसून 4-5 दिनों में और तेजी पकड़ेगा
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तरी बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों को कवर किया है.दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तरी बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में आगे बढ़ गया है. उत्तरी बंगाल पूर्वोत्तर राज्यों का प्रवेश द्वार कहा जाता है.अगले चार से पांच दिनों में मानसून के पूर्वी भारत (ओडिशा, झारखंड और बिहार), मध्य भारत (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) और पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र, गुजरात) में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल बने हुए हैं. उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिंपोंग, कूच बिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी जिलों में 13 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है. 15 जून तक दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी.चक्रवात की स्थिति और तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने मानसून सक्रिय होने में मददगार हुआ है.

Monsoon Rain Alert Kerala
यूपी-दिल्ली कब पहुंचेगा मॉनसून
मौसम विभाग के अनुमानों की मानें तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश तक मॉनसून की बारिश 20 से 25 जून के आसपास पहुंच सकती है. जबकि बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों मे 15 से 20 जून तक मॉनसून के बादल छाने के आसार हैं. वहीं पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक ये मॉनसून जून के अंत या जुलाई के पहले हफ्ते में पहुंच सकता है. हालांकि कोई बड़ा मौसमी बदलाव हुआ तो इसमें देरी भी हो सकती है.
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मॉनसून पर अल नीनो का खतरा
भारत में पिछले कुछ सालों से जून-जुलाई के मौसम में कम बारिश और अगस्त, सितंबर में भारी बारिश देखी जाती है. हालांकि अल नीनो के आखिरी दो महीनों में सक्रिय होने से बारिश में कमी हो सकती है. इससे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में असर पड़ सकता है. खरीफ की फसलों का बुआई क्षेत्र प्रभावित हो सकता है.
मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 9, 2026
मुख्य बिंदु
(i) दक्षिण-पश्चिम मानसून आज, 9 जून 2026 को पूर्वोत्तर भारत के शेष भागों, संपूर्ण सिक्किम तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है।
(ii) आगामी 5-7 दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी… pic.twitter.com/cekHMLA0Fo
मौसम विभाग का अनुमान
भारत में जून से सितंबर के मॉनसून सीजन में इस बार अल नीनो का खतरा मंडरा रहा है. अल नीनो प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के बढ़ते तापमान से पैदा होने वाली जलवायु परिस्थिति है. अल नीनो सक्रिय होने से मॉनसून कमजोर होता है. मौसम विभाग ने इस बार चार महीनों के लंबे अंतराल के दौरान 90 फीसदी ही बारिश होने का अनुमान जताया है. साथ ही बारिश में कमी की संभावना 60 फीसदी तक हो गई है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में कम बारिश का अनुमान है.
अलनीनो से सूखे का खतरा
अल नीनो भारत के मॉनसून सीजन को बिगाड़ रहा है. तूफान के बाद फिर से गर्मी पड़ने और सूखे का खतरा मंडरा रहा है.कम बारिश का असर खरीफ की फसलों पर पड़ सकता है.अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जिसे अल नीनो दक्षिणी दोलन या ENSO कहा जाता है. इस दौरान स्थिर हवाएं प्रशांत महासागर के पार गर्म सतही जल को एशिया की ओर धकेलती हैं. अल नीनो के दौरान, ये हवाएं कमजोर हो जाती हैं और गर्म पानी वापस पूर्व की ओर खिसक जाता है.

Weather Alert
संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भी कहा है कि अल नीनो विकसित हो रहा है.इसके अगस्त तक पूरी तरह से सक्रिय होने की 80 प्रतिशत संभावना है. उसके बाद 90 प्रतिशत संभावना है और सितंबर तक पूरी तरह मजबूत होगा.
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