L-Carnitine Benefits and Side Effects: आजकल वजन कम करने की चाह लगभग हर उम्र के लोगों में दिखाई देती है. सोशल मीडिया, जिम और फिटनेस इंडस्ट्री में ऐसे कई सप्लीमेंट्स का प्रचार किया जाता है, जो तेजी से फैट कम करने का दावा करते हैं. इन्हीं में एक नाम है एल-कार्निटाइन (L-Carnitine). इसे फैट बर्निंग सप्लीमेंट के रूप में काफी लोकप्रियता मिली है. कई लोग मानते हैं कि इसे लेने से शरीर तेजी से चर्बी बर्न करने लगता है और वजन कम होने लगता है. लेकिन, क्या वास्तव में ऐसा है? क्या केवल एक सप्लीमेंट आपकी फिटनेस जर्नी बदल सकता है? इस सवाल पर फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के इंटरनल मेडिसिन डायरेक्टर डॉ. दिनेश कुमार ने विस्तार से जानकारी दी है. उनका कहना है कि एल-कार्निटाइन वजन घटाने में हल्की मदद कर सकता है, लेकिन इसे कोई जादुई उपाय समझना गलत होगा.
क्या होता है एल-कार्निटाइन? | What is L-Carnitine?
एल-कार्निटाइनएक नेचुरल अमीनो एसिड डेरिवेटिव है, जिसे हमारा शरीर खुद बनाता है. इसका मुख्य काम फैटी एसिड्स को शरीर की सेलस के एनर्जी सेंटर यानी माइटोकॉन्ड्रिया तक पहुंचाना होता है. वहां फैट एनर्जी में बदलता है, जिससे शरीर को काम करने की ताकत मिलती है.
यह कॉम्पोनेंट शरीर को मांस, मछली, चिकन और डेयरी प्रोडक्ट्स से भी मिलता है. इसके अलावा यह सप्लीमेंट के रूप में बाजार में उपलब्ध है और इसे वजन घटाने, एनर्जी बढ़ाने और वर्कआउट परफॉर्मेंस सुधारने के लिए बेचा जाता है.
क्या सच में वजन घटाने में मदद करता है?
डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, एल-कार्निटाइन (L-Carnitine) शरीर में फैट के इस्तेमाल की प्रक्रिया को थोड़ा बेहतर बना सकता है. इससे कुछ लोगों को वर्कआउट के दौरान ज्यादा एनर्जी महसूस हो सकती है. इसके संभावित फायदों की बात करें तो-
- फैट मेटाबॉलिज्म बेहतर होना.
- शरीर में एनर्जी बढ़ना.
- एक्सरसाइज के दौरान थकान कम महसूस होना.
- वर्कआउट परफॉर्मेंस में सुधार.
- एक्सरसाइज के बाद रिकवरी बेहतर होना.
हालांकि एक्सपर्ट साफ कहते हैं कि इसका असर बहुत ज्यादा नहीं होता. अगर कोई व्यक्ति सिर्फ सप्लीमेंट लेकर वजन कम करने की उम्मीद कर रहा है, तो उसे निराशा हो सकती है.
डाइट और एक्सरसाइज क्यों हैं सबसे जरूरी?
डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, वजन घटाने का सबसे बड़ा नियम है कैलोरी डेफिसिट यानी जितनी कैलोरी शरीर ले, उससे ज्यादा खर्च करे. यह केवल सप्लीमेंट से संभव नहीं है.
इसके लिए जरूरी हैं-
- बैलेंस डाइट
- रेगुलर एक्सरसाइज
- कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
- अच्छी नींद
- पर्याप्त पानी पीना
- स्ट्रेस कंट्रोल
अगर कोई व्यक्ति ज्यादा जंक फूड खाता है, फिजिकल एक्टिविटी नहीं करता और नींद पूरी नहीं लेता, तो एल-कार्निटाइन भी खास फायदा नहीं देगा.

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किन लोगों को हो सकता है ज्यादा फायदा?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कुछ लोगों में एल-कार्निटाइन का असर थोड़ा बेहतर हो सकता है. जैसे शाकाहारी और वीगन लोग, बुजुर्ग, मेटाबॉलिक समस्याओं से जूझ रहे लोग, लगातार थकान महसूस करने वाले लोग, पोषण की कमी वाले व्यक्ति. क्योंकि रेड मीट और एनिमल प्रोडक्ट्स एल-कार्निटाइन के मुख्य स्रोत हैं, इसलिए इन्हें न खाने वालों में इसकी कमी हो सकती है.
क्या इसके साइड इफेक्ट भी हैं?
डॉ. कुमार बताते हैं कि सही मात्रा में लेने पर यह आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. लेकिन, कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट भी दिख सकते हैं, जैसे- मतली, पेट दर्द, दस्त, पेट में क्रैम्प्स, शरीर से मछली जैसी गंध आना.
किडनी, लिवर या थायरॉइड से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
सप्लीमेंट नहीं, आदतें बदलना है असली गेम चेंजर
एक्सपर्ट मानते हैं कि एल-कार्निटाइन केवल एक सपोर्टिंग सप्लीमेंट हो सकता है, वजन घटाने का तरीका नहीं. असली और लंबे समय तक टिकने वाले रिजल्ट हेल्दी खानपान, रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और डिसिप्लिन लाइफस्टाइल से ही मिलते हैं.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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