Haryana News: हरियाणा के गुरुग्राम में शातिरों ने लग्जरी कारों के मालिक को चूना लगाने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोपियों ने शादी-समारोह का बहाना बनाकर चार महंगी गाड़ियां किराए पर लीं और फिर उन्हें बिना मालिक की अनुमति के गिरवी रखकर बेच दिया. इस शातिर गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
किराये का लालच देकर फंसाया
मामला 17 अक्टूबर 2025 का है जब पीड़ित ने न्यू कॉलोनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, आरोपी कृष्ण दीक्षित और उसके साथियों ने पीड़ित से संपर्क किया और दावा किया कि उन्हें शादियों व अन्य बड़े कार्यक्रमों के लिए लग्जरी कारों की जरूरत है. शुरुआत में आरोपियों ने कुछ समय तक किराया समय पर देकर पीड़ित का पूरा भरोसा जीत लिया. विश्वास कायम होने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे किराया देना बंद कर दिया.
धोखे से ऐंठे 10 लाख रुपये
आरोपियों ने सिर्फ गाड़ियां ही नहीं हड़पीं, बल्कि पीड़ित को विश्वास में लेकर एक फर्जी कार्यक्रम आयोजित करने के बहाने 10 लाख रुपये की मोटी रकम भी ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली. जब पीड़ित को शक हुआ और उसने छानबीन की तो पता चला कि उसकी चारों लग्जरी गाड़ियां या तो बेच दी गई हैं या फिर कहीं गिरवी रख दी गई हैं.
क्राइम यूनिट की बड़ी सफलता
सेक्टर 17 की क्राइम यूनिट ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी कृष्ण दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का रहने वाला 23 वर्षीय दीक्षित इस पूरी साजिश का सूत्रधार है. पुलिस ने इससे पहले इस गिरोह के एक अन्य सदस्य हरीश खत्री को गिरफ्तार किया था जिसके पास से एक फॉर्च्यूनर बरामद हुई थी.
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक आरोपी कृष्ण दीक्षित पर पहले भी चोरी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं. पुलिस अब अन्य सहयोगियों और बेची गई बाकी गाड़ियों की तलाश में जुटी है. इस घटना ने उन लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है जो अपनी महंगी गाड़ियां बिना पुख्ता जांच पड़ताल के किराए पर देते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी संपत्ति सौंपने से पहले उसकी पूरी जानकारी जरूर जुटाएं.














