NEET Topper Tanmay Gupta Interview: देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा नीट का पेपर लीक होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. अब करीब 22 लाख से छात्रों को 21 जून को दूसरी बार नीट एग्जाम देना होगा. इसके लिए छात्र एक बार फिर खुद को तैयार कर रहे हैं, लेकिन कई छात्र ऐसे भी हैं, जिन्हें मोटिवेशन नहीं मिल पा रहा है. ऐसे छात्रों के लिए हमने नीट के ऑल इंडिया टॉपर डॉक्टर तन्मय गुप्ता से बात की, जिन्होंने छात्रों को कई शानदार टिप्स दिए और अपना खुद का एक्सपीरिएंस भी शेयर किया. तन्मय ने बताया कि छात्रों को इन कुछ हफ्तों में कैसे तैयारी करनी चाहिए और सक्सेस का क्या मूल मंत्र है.
लीक से जुड़ा कंटेंट देखना करें बंद
तन्मय ने बताया कि ताजा लीक मामले से मैं काफी रिलेट भी कर रहा हूं. जब मैं 2021 में तैयारी कर रहा था तो ऐसी खबरें सामने आई थी. तब हम काफी घबरा गए थे और ये काफी स्ट्रेसफुल था. जो छात्र मेहनत करते हैं और लंबे वक्त से तैयारी करते हैं, उनके लिए ऐसे हालात काफी मुश्किल होते हैं. तन्मय ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि स्ट्रेसफुल तो बहुत है, लेकिन अब छात्रों के सामने एक महीने से भी कम का वक्त बचा है, ऐसे में अपना बेस्ट देना होगा. इस चीज को भूल जाइए, जितना इसे लेकर न्यूज या वीडियो देखेंगे, उतना ही डिप्रेसिव फीलिंग आएगी. इसीलिए तैयारी शुरू कीजिए और बेस्ट देने के अलावा कुछ मत सोचिए.
कैसे करें तैयारी
- सबसे पहले पिछले साल के सवालों से प्रैक्टिस कीजिए.
- अभी मेन फोकस उन टॉपिक्स पर होना चाहिए, जो आप पहले से पढ़ चुके हैं. आखिरी वक्त में नए टॉपिक्स में मत पड़िए.
- आपको जो टॉपिक वीक लगते हैं, उनकी एक लिस्ट बनाइए और तैयारी कीजिए.
- जिन टॉपिक्स पर आपको कॉन्फिडेंस है, उन्हें फिलहाल साइड में रख दीजिए और कमजोरी पर काम कीजिए.
- छात्रों को हर दिन या कम से कम हर दूसरे दिन मॉक टेस्ट देने चाहिए और इसे रिवाइज करना चाहिए.
टाइम मैनेजमेंट को लेकर टॉपर टिप्स
नीट टॉप करने वाले तन्मय ने बताया कि आप जितना एक दिन में पढ़ पाते हैं, उतना ही पढ़ें. ज्यादा खुद को पुश करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, मैं अपनी बात करूं तो रोजाना 8 से 10 घंटे ही पढ़ पाता था. मैं इससे ज्यादा कोशिश भी नहीं कर पाता था. बात सिर्फ इतनी है कि अपना मैक्सिमम देना है. मुझे जब लगता था कि मैं थक रहा हूं तो मॉक टेस्ट देना शुरू कर देता था. मेरे लिए इस चीज ने काफी काम किया. इस तरह की स्ट्रैटजी छात्र अपना सकते हैं.
कोविड के दौर में की थी ऐसी तैयारी
तन्मय ने आखिर में बताया कि हमारा नीट एग्जाम कोविड के वक्त हुआ था, तब सब कुछ काफी चैलेंजिंग था. अब भी बच्चों को इसी तरह से तैयारी करनी होगी. मैं अपनी बात करूं तो भयंकर गर्मी के दौरान एग्जाम होना था और मास्क पहनना भी जरूरी था. इसीलिए मैंने इसकी पहले से तैयारी कर ली थी. मैं घर पर ही एग्जाम हॉल जैसे हालात की प्रैक्टिस करता था. मैं अपने कमरे का एसी बंद कर देता था और मास्क पहनकर मॉक टेस्ट देता था, जिससे मुझे एग्जाम वाले दिन कोई परेशानी नहीं हुई. अगर आप घर पर कंफर्टेबल सीट पर और एसी कमरे में बैठकर तैयारी करते हैं तो हो सकता है कि एग्जाम सेंटर पर मिलने वाले माहौल में आपको परेशानी हो.
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