- राहुल से विकेटकीपिंग कराना बेहतरीन फैसला-सहवाग
- वनडे में भी राहुल से कीपिंग करायी जाए
- मैंने भी अपने समय में बहुत गलतियां कीं
भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को एक के बाद एक सीरीज जीता रहे हैं. हाल ही में उनके नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद दुनिया भर के दिग्गजों ने इस टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम करार दिया है, लेकिन पूर्व दिग्गज वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) ने कोहली की कप्तानी की शैली पर सवाल खड़ा किया है. वहीं, सहवाग ने केएल राहुल की जमकर तारीफ करते हुए उनसे विकेटकीपिंग कराने का समर्थन करते हुए इसे एक बहुत ही शानदार फैसला करार दिया.
Played like Champions indeed to win two games and the series after losing the first one.
— Virender Sehwag (@virendersehwag) January 19, 2020
Rohit, Virat, Bumrah and Shreyas today were sensational #INDvAUS pic.twitter.com/nSlhQqyqqx
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सहवाग ने कहा कि टीम मैनेजमेंट का केएल राहुल से विकेटकीपिंग कराने का फैसला बहुत ही अच्छा है. और केएल राहुल को वनडे में भी यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए. सहवाग ने कहा कि जब एमएस धोनी ने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली थी, तो धोनी ने अपनी अपनी भूमिका को बढ़ाया. कुछ ऐसे ही टीम मैनेजमेंट का केएल राहुल का समर्थन करते हुए उनका फिनिशिर और विकेटीकीपर के रूप में समर्थन करना चाहिए.
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सहवाग ने कहा कि अगर केएल राहुल नंबर पांच पर बैटिंग करते हुए चार बार नाकाम होते हैं, तो टीम मैनजेमेंट उन्हें बदलने के बारे में सोचेगा. हालांकि, ऐसा एमएस धोनी के समय में नहीं था. वीरू ने कहा कि धोनी ने कठिन हालात में खुद को मांझने के बाद जल्द ही यह समझ लिया था कि ऐसे क्रमों पर खिलाड़ियों का समर्थन करना कितना ज्यादा महत्वपूर्ण है.
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एक निजी बेवसाइट से बातचीत में धोनी की कप्तानी की शैली पर बात करते हुए सहवाग ने कहा कि जब एमएस कप्तान थे, तो वह अलग-अलग खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर बहुत ही स्पष्ट थे. लेकिन विराट की टीम में अगर केएल राहुल चार बार नंबर पांच पर नाकाम हो जाते हैं, तो मैनेजमेंट दूसरे विकल्प की खोच में लग जाएगा. पूर्व ओपनर ने कहा वनडे क्रिकेट में अब जबकि हालिया समय में शीर्ष क्रम बेहतर करना है, तो ऐसे में मिड्ल ऑर्डर को कप्तान के समर्थन की जरूरत है. अगर आप खिलाड़ियों को समय नहीं दोगे, तो वे कैसे सीखेंगे और कैसे बड़े खिलाड़ी बनेंगे.
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वीरू ने कहा कि पारी की शुरुआत करने से पहले मैंने भी मिड्ल ऑर्डर में बल्लेबाजी की और बहुत ज्यादा गलतियां कीं. इसके कारण हम मैच भी हारे, लेकिन हार बाहर बैठकर बड़े खिलाड़ी नहीं बनते. खिलाड़ियों को समय दिए जाने की जरूरत होती है.
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