Riyan Parag on verge to became Youngest Captains to Feature in IPL Final: साल 2012 में चेन्नई सुपर किंग्स इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास की पहली टीम बनी थी, जिसने एलिमिनेटर खेलने के बाद फाइनल में जगह बनाई थी. 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद ने यह कारनामा किया. आखिरी बार 2021 में कोलकाता नाइट राइडर्स ऐसा करने में सफल हो पाई थी. शुक्रवार को जब राजस्थान रॉयल्स का सामना न्यू चंडीगढ़ में गुजरात टाइटंस से होगा, तो उसकी कोशिश जीत के साथ इस लिस्ट में जगह बनाने की होगी. वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने करीब 48 घंटे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कोहराम मचाया था, वो एक बार फिर हल्ला बोलना चाहेंगे. सिर्फ वैभव पर ही नहीं बल्कि ध्रुल जुरेल, जोफ्रा आर्चर पर भी टीम को खिताबी मुकाबले में पहुंचाने का जिम्मा होगा. अगर ऐसा हुआ, तो राजस्थान के कप्तान रियान पराग, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी का रिकॉर्ड तोड़कर एक खास रिकॉर्ड लिस्ट में टॉप पर पहुंच जाएंगे.
रियान पराग के निशाने पर होगा रिकॉर्ड
साल 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय स्क्वाड का हिस्सा रहे, शुभमन गिल और रियान पराग, के बीच आज अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाने की जंग होगी. यह दूसरा सीजन है, जब रियान पराग राजस्थान की अगुवाई कर रहे हैं. पिछले साल उन्होंने संजू सैमसन के अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाली थी. पराग का बतौर कप्तान जीत प्रतिशत 48 है. रियान पराग की अगुवाई में राजस्थान ने 21 मैच खेले हैं और इसमें टीम 10 जीतने में सफल हुई है, जबकि 11 में उसे हार मिली है. अगर शुक्रवार को पराग एंड कंपनी गुजरात टाइटंस को हरा देती है, तो पराग सबसे कम उम्र में आईपीएल फाइनल खेलने वाले कप्तान बन जाएंगे.
फिलहाल यह रिकॉर्ड श्रेयस अय्यर के नाम है. श्रेयस अय्यर ने 25 साल और 340 दिन की उम्र में पहली बार आईपीएल फाइनल खेला था. उन्होंने 2020 सीजन में दिल्ली कैपिटल्स को फाइनल तक का सफर तय करवाया था. इसके बाद लिस्ट में नाम रोहित शर्मा का है और फिर महेंद्र सिंह धोनी का.
| आईपीएल में सबसे कम उम्र में फाइनल खेलने वाले कप्तान | |||
| कप्तान | टीम | उम्र | साल |
| श्रेयस अय्यर | दिल्ली कैपिटल्स | 25 साल 340 दिन | 2020 |
| रोहित शर्मा | मुंबई इंडियंस | 26 साल 26 दिन | 2013 |
| महेंद्र सिंह धोनी | चेन्नई सुपर किंग्स | 26 साल 330 दिन | 2008 |
फाइनल का राह नहीं आसान
राजस्थान के लिए फाइनल की राह आसान नहीं है. क्योंकि उनके सामने गुजरात है, जिसके खिलाफ टीम का रिकॉर्ड बेहतर नहीं है. अगर हेड-टू-हेड आंकड़ों को देखें तो गुजरात के खिलाफ राजस्थान 10 मैचों में सिर्फ 3 जीत पाई है. जबकि पिछले पांच मैचों में सिर्फ दो बार. इसके अलावा गुजरात को राजस्थान को लीग में पटखनी देने में अलग ही मजा आता है. आईपीएल में गुजरात का राजस्थान के खिलाफ जीत प्रतिशत 70 का है, जो किसी अन्य विरोधी की तुलना में सबसे अधिक है.
राजस्थान के पास होगी मनोवैज्ञानिक बढ़त
हालांकि, राजस्थान के पास मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर होगी. एक तो उसने एलिमिनेटर में उस राजस्थान को हराया है, जिसका आरआर के खिलाफ लगातार छह जीत का रिकॉर्ड था और दूसरा राजस्थान का न्यू चंडीगढ़ में रिकॉर्ड 100 प्रतिशत का है. राजस्थान ने न्यू चंडीगढ़ में 4 मैच खेले हैं और चारों में उसे जीत मिली है, जबकि गुजरात ने 3 मैच खेले हैं और एक बार उसे हार का स्वाद चखना पड़ा है.
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