आरकॉम, एयरसेल के बीच विलय के लिए बातचीत, अस्तित्व में आएगी दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी

आरकॉम, एयरसेल के बीच विलय के लिए बातचीत, अस्तित्व में आएगी दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी

नई दिल्ली:

अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) अपने मोबाइल कारोबार का खुद से छोटी प्रतिद्वंद्वी कंपनी एयरसेल के साथ विलय करने के लिए बातचीत कर रही है। इससे संख्या के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी अस्तित्व में आएगी।

रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा, 'आरकॉम, एयरसेल की बहुलांश हिस्सा रखने वाली मैक्सिस कम्युनिकेशंस तथा एक अन्य शेयरधारक सिंद्या सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स के साथ गैर बाध्यकारी लेकिन विशिष्ट बातचीत कर रही है। संभावित विलय पर विचार के लिए 90 दिन की विशिष्ट अवधि पर सहमति हुई है।'

आरकॉम देश की चौथी सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है और उसके ग्राहकों की संख्या 11 करोड़ है। इसी तरह एयरसेल पांचवीं सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है, जिसके ग्राहकों की संख्या 8.4 करोड़ है।

आरकॉम इससे पहले सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज के भारतीय मोबाइल टेलीफोनी कारोबार के विलय की प्रक्रिया में है, जो एमटीएस ब्रांड के तहत कारोबार करती है। इन दोनों के विलय के बाद आरकॉम के उपभोक्ताओं की संख्या लगभग दोगुना यानी 20 करोड़ हो जाएगी। सिस्तेमा के ग्राहकों की संख्या 83.6 लाख है।

अपने टावर और फाइबर ऑप्टिक ढांचागत परिसंपत्तिों पर कपंनी ने इसी महीने कहा था कि वह इनकी बिक्री के लिए निजी इक्विटी कंपनियों टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स तथा टीजीजी एशिया इंक के साथ बात कर रही है। इन कारोबार की बिक्री जनवरी मध्य तक हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि आरकॉम के नेतृत्व में बनने वाली नई कंपनी के तहत - आरकॉम, एमटीएस और एयरसेल - इन तीनों के मोबाइल कारोबार का मिला कर परिचालन करने का प्रस्ताव है।

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नई कंपनी पूरी तरह से इक्विटी सौदे के जरिए तैयार की जाएगी, जिसमें आरकॉम के शेयरधारकों को प्रत्येक शेयर पर नई कंपनी के तीन शेयर मिलने की उम्मीद है।