अब केंद्र के अधीन काम करने वाली इन कंपनियों के लाखों कर्मचारियों को मिलेगा पेंशन योजना का लाभ

बता दें कि कुछ साल पहले सरकार ने सेना को छोड़ कर सरकारी नौकरियों में पेंशन की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया था.

अब केंद्र के अधीन काम करने वाली इन कंपनियों के लाखों कर्मचारियों को मिलेगा पेंशन योजना का लाभ

सरकारी स्टील कंपनियों में पेंशन योजना होगी लागू.

खास बातें

  • सरकार ने कंपनियों की मांग पर हामी भरी
  • केंद्रीय मंत्री ने खुद की घोषणा
  • योजना का खर्चा कंपनियां वहन करेंगी.
नई दिल्ली:

देश में सरकारी स्टील कंपनियों में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. यहां पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अब पेंशन स्कीम का फायदा मिलेगा. बता दें कि कुछ साल पहले सरकार ने सेना को छोड़ कर सरकारी नौकरियों में पेंशन की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया था. सरकार का मानना था कि सरकार पर इससे अध्यधिक खर्चा आता है. लेकिन अब इस प्रकार के कदम ऐसी कंपनियों में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी लेकर आया है. इतना ही नहीं इसी के साथ कंपनियों से रिटायर्ड लोगों को भी इस पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. 

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हाल ही में इस्पात मंत्रालय ने नियंत्रण में विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) से प्राप्त प्रस्ताव पर सहमति जताई है. यह सहमति पेंशन योजना को लेकर जताई है.  पेंशन योजना को अधिकारियों के मामले में 1 जनवरी 2007 और गैर-अधिकारियों के मामले में 1 जनवरी 2012 या कंपनी द्वारा तय की गई अगली तारीख से लागू किया जाएगा.

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यह समझौता सेल (SAIL), आरआईएनएल (RINL), एमएसटीसी (MSTC), एफएसएनएल (FSNL), एमईकॉन (MECON) और केआईओसीएल (KIOCL) से संबंधित कर्मचारियों के संघों और अधिकारियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद किया गया है. पेंशन योजना इस्पात मंत्रालय के तहत CPSEs के 94,000 से अधिक कार्यरत और 56,000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभान्वित करेगी और प्रति माह 45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय खर्च होगा.

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जानकारी के लिए बता दें कि इस बात की घोषणा खुद विभाग से संबंधित केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने की है .  घोषणा के साथ ही मंत्री ने यह भी बताया कि कंपनियों के कर्मचारियों और अधिकारियों को मेडिकल की सुविधाएं पहले ही दी जा रही हैं. बड़ी बात यह है कि मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि इस पूरी योनजा का वहन कंपनियां स्वयं उठाएंगी और सरकार पर इसका बोझ नहीं आएगा. मंत्री ने कहा कि स्कीम लागू करने और उससे किस प्रकार कंपनियों के कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू किया जाएगा, इस पर कंपनी का मैनेजमेंट विचार विमर्श कर अंतिम निर्णय लेगा.