Petrol Diesel Smuggling at India-Nepal Border: 50-50 लीटर वाला 2 गैलन उठाया. एक में पेट्रोल फुल कराया, दूसरे में डीजल. पेट्रोल 102 रुपये के भाव और डीजल 96 रुपये के भाव. कुछ ही किलोमीटर दूरी तय की, पहुंच गए नेपाल. वहां पेट्रोल 217 NPR (नेपाली रुपये) यानी 134 रुपये (भारतीय) और डीजल 225 NPR यानी 139 रुपये (भारतीय) के भाव बेचा. पेट्रोल पर 32 रुपये/लीटर और डीजल पर 43 रुपये/लीटर का मुनाफा. दिनभर की मोटी कमाई हो गई- 3,750 रुपये की. कुछ ऐसा ही खेल चल रहा था, भारत-नेपाल सीमा पर. इसमें कितने भारतीय शामिल रहे, कितने नेपाली, ये तो जांच का विषय है, लेकिन जैसे ही इस तस्करी की खबर प्रशासन तक पहुंची, प्रशासन ने एक्शन लेते हुए निगरानी टीम बना दी. वहीं अब सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी HPCL ने एडवायजरी जारी कर दी है.
एडवायजरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा है कि तस्करी न हो, इसके लिए प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है, जबकि कंपनी के अधिकारी भी इसकी निगरानी कर रहे हैं. दरअसल, देश से पेट्रोल-डीजल का इस तरह दूसरे देश में बेचा जाना, तस्करी तो है ही और इससे सरकार को रेवेन्यू लॉस तो होगा ही, साथ ही साथ, देश में आपूर्ति का संकट भी बढ़ा सकता है. हाल ही में कुछेक जिलों में पेट्रोल-डीजल के शॉर्टेज की खबरें आई थीं. कई जगहों से तो ऐसी ही अफवाहें भी सामने आईं, जिसके बाद तेल कंपनियों ने स्पष्टीकरण जारी किया था. बहरहाल, ताजा मामले पर लौटते हैं.
यूपी-नेपाल की सीमा से आई थीं तस्करी की खबरें
दरअसल, उत्तर प्रदेश की करीब 580 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से सटती है, जहां से भारत आना-जाना बेहद आसान है. सीमावर्ती क्षेत्र में यूपी के करीब 8 जिले पड़ते हैं. तेल की तस्करी की खबरें आईं तो प्रशासन ने सीमावर्ती जिलों में चौतरफा निगरानी बढ़ा दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन जिलों में बहराइच, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बस्ती शामिल है.
यूपी के महाराजगंज जिले की बात करें तो यहां से कुछ किलोमीटर बाद नेपाल का भैरहवा शुरू हो जाता है. महाराजगंज में पेट्रोल 102.64 रुपये/लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत 96.05 रुपये/लीटर है. वहीं नेपाल के भैरहवा में पेट्रोल 217 नेपाली रुपये यानी 134 भारतीय रुपये/लीटर और डीजल 225 नेपाली रुपये यानी 139 भारतीय रुपये/लीटर है. ऐसे में तस्करी करने वालों को प्रति लीटर पेट्रोल पर 32, डीजल पर 43 रुपये की कमाई दिख रही है. और इसलिए इन सीमावर्ती जिलों से तेल की तस्करी की खबरें सामने आईं. इसी बीच HPCL ने स्पष्टीकरण जारी किया.
तेल मार्केटिंग कंपनी HPCL ने क्या कहा?
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी HPCL ने एडवायजरी में कहा है कि दोनों देशों के बीच तेल की कीमतों में बड़े अंतर के कारण उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा पर ईंधन के सीमा-पार डायवर्जन से जुड़ी खबरों के संदर्भ में, HPCL ये स्पष्ट करना चाहता है कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं.
With reference to reports regarding cross-border fuel diversion along the Uttar Pradesh–Nepal border due to the significant price difference in fuel between the two countries, HPCL would like to clarify that District Administrations and concerned authorities are closely…
— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) June 9, 2026
इसने कहा, 'जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के पास स्थित रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) के लिए एडवाइजरी (परामर्श) जारी की है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि तेल केवल वाहनों के फ्यूल टैंकों में ही भरा जाए. साथ ही अलग-अलग कैटगरी के वाहनों, जेरी कैन (कैनस्तरों) और खुले बर्तनों के लिए मात्रा से जुड़े नियम भी तय किए गए हैं.
इस एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि किसी भी तरह के उल्लंघन के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी. संबंधित क्षेत्रों में सभी HPCL रिटेल आउटलेट्स जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं.
सीमा सुरक्षा एजेंसियों के साथ निगरानी
इसके अलावा, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने स्थानीय प्रशासन और सीमा सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय (coordination) स्थापित कर एक उचित निगरानी और सप्लाई सिस्टम तैयार किया है. इसका उद्देश्य वास्तविक उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना और इसके दुरुपयोग, डायवर्जन, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है.
HPCL ने कहा, 'पूरे क्षेत्र में ईंधन की आपूर्ति स्थिर और निर्बाध बनी हुई है, और रिटेल नेटवर्क में लगातार रीप्लेनिशमेंट (आपूर्ति की बहाली) और निगरानी रखी जा रही है. ग्राहकों से अनुरोध है कि वे वेरिफकेशन प्रक्रियाओं के दौरान आउटलेट स्टाफ और अधिकारियों का सहयोग करें और अफवाहों या सोशल मीडिया की असत्यापित खबरों पर भरोसा न करें.
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