मशहूर बंगाली फिल्मकार अनिक दत्ता का 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया. बुधवार दोपहर को दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. परिवार के सदस्यों ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के अनुसार, अनिक दत्ता अपनी पत्नी के घर की छत से गिर गए थे, जो गारियाहाट क्षेत्र के पास स्थित है. गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही और बाद में वे चल बसे.
अनिक दत्ता बंगाली सिनेमा में अपनी अनोखी फिल्मों के लिए जाने जाते थे. उन्होंने साल 2012 में फिल्म 'भूतेर भविष्यत' से निर्देशन की शुरुआत की. यह राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित फिल्म थी, जिसमें बंगाल के सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक हालात को चतुराई से दिखाया गया था. फिल्म को दर्शकों और आलोचकों की खूब सराहना मिली थी और इससे उन्हें बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में अच्छी पहचान मिली.
उनकी अन्य महत्वपूर्ण फिल्मों में 'अश्चोरज्यो प्रदीप' (2013), 'बोरुनबाबुर बंधु' (2020) और 'अपराजितो' (2022) शामिल हैं. 'अपराजितो' सत्यजीत रे को समर्पित थी और इसे महान फिल्मकार की 101वीं जयंती पर रिलीज किया गया था. अनिक दत्ता सत्यजीत रे के फैंस थे और उनकी ज्यादातर फिल्मों में रे की फिल्म शैली का प्रभाव दिखता था.
वे एक वामपंथी विचारधारा के फिल्मकार थे और ममता बनर्जी सरकार की खुलकर आलोचना करते थे. उनकी फिल्म 'भविष्यतेर भूत' (2019) को पश्चिम बंगाल सरकार ने विवादास्पद तरीके से रोका था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा था. अनिक दत्ता यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के संस्थापक नरेंद्र चंद्र दत्ता के नवासे थे. उनकी आखिरी फिल्म 'जोतो कांडो कोलकाताते' (2025) रही, जिसमें अभीर चटर्जी प्रमुख भूमिका में थे.