'लग जा गले' गाना सुनकर डायरेक्टर ने कहा था 'मन कर रहा है अपना जूता उठा कर खुद को मारूं', क्या है 62 साल पुराना ये किस्सा?

हम जिस किस्से की बात कर रहे हैं वह डायरेक्टर राज खोसला से जुड़ा है. लेकिन ऐसा क्या हुआ था जो गाना सुनकर उन्होंने खुद को जूता मारने की बात कही. मजेदार किस्सा जानने के लिए पढ़ें रिपोर्ट.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
लग जा गले से जुड़ा ये ट्रीविया जानते थे आप?
Social Media
नई दिल्ली:

'वो कौन थी' फिल्म का 'लग जा गले' हिंदी सिनेमा के इतिहास का एक ऐसा गीत है, जिसका जादू दशकों बाद भी बरकरार है. आज यह भारतीय फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था, जब फिल्म के निर्माता राज खोसला को यह धुन बिल्कुल पसंद नहीं आई थी. हालात यहां तक पहुंच गए थे कि उन्होंने संगीतकार मदन मोहन से अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी थी. हालांकि अभिनेता मनोज कुमार की पहल ने पूरा मामला बदल दिया और यह गीत फिल्म का हिस्सा बन सका.

सस्पेंस थ्रिलर में माहिर थे खोसला

9 जून को निर्देशक राज खोसला की पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उनके जीवन से जुड़े दिलचस्प किस्से के बारे में हम आपको बताते हैं. राज खोसला हिंदी सिनेमा के उन सफल निर्देशकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने रहस्य, रोमांस और सस्पेंस से भरपूर कई यादगार फिल्में दीं. उनकी फिल्मों की खासियत मजबूत कहानी और दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से बांधे रखने वाली प्रस्तुति होती थी.

31 मई 1925 को पंजाब में जन्मे राज खोसला ने अपने करियर में कई सफल फिल्मों का निर्देशन किया. अभिनेत्री साधना के साथ उनकी जोड़ी खासतौर पर लोकप्रिय रही. 'वो कौन थी', 'मेरा साया' और 'अनीता' जैसी फिल्मों को आज भी हिंदी सिनेमा की बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर में गिना जाता है.

लग जा गले को सुनते ही कर दिया रिजेक्ट

साल 1964 में रिलीज हुई 'वो कौन थी' में साधना और मनोज कुमार मुख्य भूमिका में थे. फिल्म का संगीत प्रसिद्ध संगीतकार मदन मोहन ने तैयार किया था. इसी फिल्म में 'लग जा गले' गीत शामिल था, जिसे महान गायिका लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी. प्रेम, भावनाओं और मधुर संगीत वाले गाने को लेकर मजेदार किस्सा है.

मदन मोहन के बेटे समीर कोहली ने एक इंटरव्यू में इस गीत से जुड़ा रोचक किस्सा सुनाया था. उनके अनुसार, जब मदन मोहन ने पहली बार 'लग जा गले' की धुन तैयार कर राज खोसला को सुनाई, तो निर्देशक प्रभावित नहीं हुए. उन्होंने धुन सुनने के बाद मदन मोहन से कहा कि उन्हें उनसे इस तरह के संगीत की उम्मीद नहीं थी. राज खोसला को लगा कि यह धुन फिल्म की जरूरत के मुताबिक प्रभावशाली नहीं है.

Advertisement

मदन मोहन को अपनी रचना पर पूरा भरोसा था. उनका मानना था कि यह धुन बेहद खास है और दर्शकों के दिलों तक जरूर पहुंचेगी. इसी बीच एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें फिल्म से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद थे. अभिनेता मनोज कुमार ने राज खोसला से आग्रह किया कि वे इस धुन को एक बार फिर ध्यान से सुनें.

दोबारा गाना सुनने पर हुआ गलती का अहसास

जब मदन मोहन ने दोबारा यह धुन गाकर सुनाई, तो माहौल पूरी तरह बदल गया. इस बार राज खोसला ने गीत की भावनात्मक गहराई और उसकी खूबसूरती को महसूस किया. धुन खत्म होते ही उन्हें अपनी पहली प्रतिक्रिया पर अफसोस हुआ. बताया जाता है कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका मन कर रहा है कि वह अपना जूता उठाकर खुद को मारें, क्योंकि उन्होंने इतनी शानदार धुन को खारिज कर दिया था.

Advertisement

बाद में मनोज कुमार भी गर्व के साथ बताते थे कि इस गीत को फिल्म में बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. समय ने साबित कर दिया कि यह फैसला कितना सही था. 'लग जा गले' आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद है और भारतीय फिल्म संगीत के सबसे यादगार गीतों में शुमार किया जाता है.

यह भी पढ़ें: 500 लड़कियों को पछाड़ गदर की सकीना बनी थीं अमीषा पटेल, पढाई में गोल्ड मेडलिस्ट है ये एक्ट्रेस

Featured Video Of The Day
32 हजार नौकरियां, 29 लाख उम्मीदवार! यूपी पुलिस भर्ती के आंकड़े दिखा रहे बेरोजगारी की तस्वीर
Topics mentioned in this article
Lata Mangeshkar
Raj Khosla
Entertainment
Bollywood