विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से कहा, ''बड़े पैमाने पर लोगों को संक्रमित करने वाला कार्यक्रम ना बने बिहार चुनाव"

विपक्षी दलों ने चिंता जताई कि भाजपा वर्चुअल चुनाव अभियानों की योजना को आगे बढ़ा रही है और कोरोना खतरे के कारण  असल चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही है.

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से कहा, ''बड़े पैमाने पर लोगों को संक्रमित करने वाला कार्यक्रम ना बने बिहार चुनाव

चुनाव आयोग और नौ दलों के साथ  आज एक वर्चुअल बैठक हुई, जिसने बाद में चुनाव आयोग को एक ज्ञापन दिया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना:

बिहार में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग (Election Commission) को एक संयुक्त पत्र लिखकर अक्टूबर-नवंबर में होने वाले राज्य चुनाव में "समान अवसर" सुनिश्चित करने के लिए कहा है. विपक्षी दलों ने कहा कि चुनाव आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि दोहरे लक्ष्य पूरे हों - COVID-19 से मतदाताओं की सुरक्षा, और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव. उन्होंने पत्र में कहा, "लोगों को यह भी उम्मीद है कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि लोगों को पूरी तरह से चुनावी अभ्यास एक सुपर-स्प्रेडर घटना (ज्यादा फैलने वाली घटना) न बने."

विपक्षी दलों ने कहा, "राज्य में 7.5 करोड़ मतदाताओं के साथ लगभग 13 करोड़ की आबादी है. चुनाव आयोग की योजना डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) और ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) द्वारा बार-बार सुझाए गए कम से कम दो गज की शारीरिक दूरी सुनिश्चित करने की है. खुद प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने वकालत की? लोगों को इस बारे में पूरी तरह से स्पष्ट रूप से बताए जाने की आवश्यकता है ताकि अधिकांश मतदाताओं की पूर्ण भागीदारी पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े,"

विपक्षी दलों ने चिंता जताई कि भाजपा वर्चुअल चुनाव अभियानों की योजना को आगे बढ़ा रही है और कोरोना खतरे के कारण  असल चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही है.

विपक्षी दलों ने कहा, "ट्राई (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) के अनुसार, केवल आधी से अधिक आबादी के पास एक मोबाइल फोन है. केवल 34 प्रतिशत के पास एक स्मार्टफोन है. आधिकारिक तौर पर चुनाव अभियान के इस मोड को वैध बनाना बड़ी संख्या में लोगों के साथ मजाक होगा. विपक्षी दलों ने कहा कि न केवल इसकी पहुंच बल्कि इसके डिजाइन के द्वारा इसे सीमित किया गया है. मतदाताओं के लगभग दो तिहाई हिस्से को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा.

विपक्षी दलों ने कहा, "हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप तेजी से बिगड़ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के परामर्श से स्थिति की समीक्षा करें और पुनर्मूल्यांकन करें. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द एक निर्णय लिया जाए, जो लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए महत्वपूर्ण है." 

उन्होंने कहा कि लोगों के लोकतांत्रिक फैसले की पवित्रता से कोई समझौता नहीं है. चुनाव आयोग और नौ दलों के साथ  आज एक वर्चुअल बैठक हुई, जिसने बाद में चुनाव आयोग को एक ज्ञापन दिया गया.


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