बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा, बाढ़ ने धारण किया विकराल रूप

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट की बैठक ली, कोरोना वायरस संक्रमण और बाढ़ राहत कार्य की समीक्षा की

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा, बाढ़ ने धारण किया विकराल रूप

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट की बैठक ली.

पटना:

बिहार (Bihar) में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. शनिवार को भी राज्य में 2000 से ज्यादा नए संक्रमित सामने आए हैं. दूसरी ओर राज्य में बाढ़ ने भी विकराल रूप ले लिया है और 10 लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित है. लेकिन पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोई खबर नहीं है. विपक्ष और खासकर तेजस्वी यादव भी लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि ऐसी गंभीर समस्या के समय भी मुख्यमंत्री अदृश्य हैं. 

शनिवार को भी तेजस्वी ने ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'कि माननीय मुख्यमंत्री जी से हाथ जोड़कर ससम्मान विनम्र विनती है कि कृपया कोरोना और बाढ़ जैसे गंभीर परिदृश्य में अदृश्य ना रहें.  130 दिन हो गए हैं कृपया अब तो जनता के लिए घर से बाहर निकलिए. ऐसी सरकार और राजा का क्या फायदा जो मुसीबत के समय अपनी जनता को मरने के लिए भाग्य भरोसे छोड़ दे?'

ऐसे में शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर सामने आई जिसमें वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट की बैठक ले रहे हैं. करीब 3 हफ्ते बाद मुख्यमंत्री की तस्वीर लोगों के सामने आई है. मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य में बाढ़ राहत कार्यों तथा कोरोना के हालात का जायजा लिया और जरूरी निर्देश भी दिए. बैठक में मुख्यमंत्री मास्क लगाए भी नजर आए. नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया.

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मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को अच्छे शिविरों में रखने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रभावितों को मास्क देने और छह-छह हजार रुपये की मदद देने के निर्देश दिए. 


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नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग कोरोना वायरस की जांच कराना चाहते हैं उनकी टेस्टिंग की जाए. उन्होंने आरटीपीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों के इलाज की अच्छी व्यवस्था हो. उनके बेड के पास ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जरूरी उपकरण होने चाहिए.